चंडीगढ़ - पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भाषा, सभ्याचार और साहित्य के क्षेत्र में पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत की सेवा कर रहे साहित्याकारो, नाटककारों, लोक गायकों, कलाकारों एवं अन्य शख्शीयतों के कल्याण के लिए एक विशेष फंड कायम करने की घोषणा की है।
पंजाबी यूनीवर्सिटी के श्री गुरू तेग बहादर हाल में दो दिवसीय सातवीं सर्वभारतीय पंजाबी कान्फ्रेंस का उद्घाटन करने के बाद विशाल एकत्रता को का संबोधन करते हुए मुख्य मंत्री ने कहा कि पंजाबी कला और सभ्याचार को अमीर बनाने के लिए अपने बेहतरीन योगदान डालने वाली अनेकों शख्शियतों के परिवारों की आर्थिक स्थिति पर उन्होंने गहरा दुख होता है इसलिए पंजाब सरकार ना केवल सभ्याचार विरसेकी संभाल के लिए कार्यशील हैं और विरसे को बुलंदियों पर ले जाने वाली शख्शियतों के वारिसों के हितों की रखवाली के लिए भी प्रयत्न कर रही है।
बादल द्वारा देश विदेशों में रह रहे विभिन्न क्षेत्रा में प्रसिद्धी पाने वाले पंजाबियों पर आधारित एक डायरैक्ट्री प्रकाशित करने की जरूरत पर भी ज़ोर दिया गया जिससे ऐसे पंजाबियों को मान-सम्मान दिया जा सके।