इस्लामाबाद - पाकिस्तान में कई हफ्तों के संकट के बाद राजनीतिक गतिरोध में आज कमी आती हुई नजर आई जब प्रदर्शनकारी सरकार के साथ बातचीत की मेज पर लौट आए और एक मध्यस्थ ने कहा कि ‘ठोस समाधान’ निकालने के प्रयास हो रहे हैं।
संसद में इमरान खान नीत पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) के सांसदों और सरकार समर्थित नेताओं के बीच वाकयुद्ध के बाद यह सकारात्मक घटनाक्रम हुआ है। पीटीआई के कुछ सांसदों ने इस्तीफे दिए थे लेकिन स्पीकर ने उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किए।
खान और पाकिस्तान अवामी तहरीक (पीएटी) के धर्मगुरु ताहिर उल कादरी कल देर रात नवाज शरीफ सरकार और पिछले साल हुए आम चुनावों में कथित धांधली को लेकर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के बीच मध्यस्थता के लिए विपक्षी नेताओं की एक समिति ‘जिरगा’ से बातचीत करने पर सहमत हुए थे।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता रहमान मलिक ने कहा है कि पीटीआई ने परिपक्वता दिखाई और कुछ भी नकारात्मक नहीं कहा। मैं प्रधानमंत्री की टीम से किसी व्यक्ति विशेष के बारे में बात नहीं करने का अनुरोध करता हूं। हमने पीएटी की समिति से बातचीत के जरिए मसला सुलझाने का अनुरोध किया है।