इस्लामाबाद - पाकिस्तान में हिंसा और सेना के दखल की आशंका के बीच आज प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को संसद का समर्थन मिला। दूसरी ओर सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को ‘पाकिस्तान के खिलाफ बगावत’ करार दिया।
वर्तमान राजनीतिक संकट पर चर्चा करने और प्रधानमंत्री के लिए समर्थन जुटाने के मकसद से बुलाए गए संसद के आपातकालीन संयुक्त सत्र में लगभग सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री के पक्ष में अपनी राय व्यक्त की तथा मौजूदा गतिरोध पर चर्चा की।
ज्यादातर नेताओं ने विरोध प्रदर्शनों के बीच शरीफ के प्रति अपना समर्थन जताया। इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ और मौलाना ताहिर उल कादरी की पाकिस्तान अवामी तहरीक (पीएटी) नवाज शरीफ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार संयुक्त सत्र में चर्चा के खत्म होने के बाद शरीफ का समर्थन करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया जाएगा और उनसे आग्रह किया जाएगा कि वह न तो इस्तीफा दें और न ही छुट्टी पर जाएं जैसा कि इमरान एवं कादरी मांग कर रहे हैं।
पाकिस्तान में दोनों सदनों का संयुक्त सत्र आपात स्थितियों से निपटने अथवा महत्वपूर्ण अवसरों पर बुलाया जाता है। यह सत्र सांसदों की इच्छा के मुताबिक कई दिनों तक चल सकता है।