चंडीगढ़ - अनफिट स्कूली बसों की वजह से हो रहे एक्सीडेंट रोकने के लिए प्रदेश की रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने जिला हेडक्वार्टरों को सख्ती के आदेश दिए हैं। प्रदेश में सभी स्कूलों को लेटर जारी किए जा रहे हैं। इनमें लिखा है कि सभी स्कूल बसों की फिटनेस, टैक्स की भरपाई और सही स्टाफ ही भर्ती करें। सभी को हलफिया बयान लिखकर देना होगा की उनकी बसें फिट हैं और हादसा होने पर वह जिम्मेदार हैं। डीटीओ आरपी सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
डीटीओ आफिस में करीब एक हजार बस परमिट होल्डर हैं। सभी को लेटर भेजे जा रहे हैं। स्कूली बसों का एक करोड़ रुपया टैक्स ही पेंडिंग है। डीसी केके यादव ने 7 अगस्त को मसले में ट्रांसपोर्ट अफसरों के साथ बैठक रखी है।
- स्कूल की सीटों पर सेफ्टी बैल्ट लगे। -बस का रंग पीला होगा। -बस की सीटों में इतना गैप होना चाहिए कि बच्चों के पैरों में रखे बैग में वे फंस न जाएं। -बस की छत में से एग्जिट प्वाइंट भी होगा। -बस ओवरलोड नहीं होनी चाहिए।