चंडीगढ़ - पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी और हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा के गुरद्वारों पर सरकारी महंतों का कब्जा करवाने के प्रयास को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस संबंध में आगामी कार्रवाई का फैसला उचित समय आने पर सिख पंथ की सलाह से किया जाएगा।
आज लंबी विधान सभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के संगत दर्शन समागमों के दौरान बादल ने कहा कि हरियाणा गुरद्वारा कमेटी के मामले पर श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश के बाद उन्होंने हाल की घड़ी अपने आंदोलन को रोक लिया है और यदि इस मामले में सिख संगत की भावनाओं का ख्याल ना रखा गया तो वह इस संबंध में फैसला सिख पंथ की भावनाओं के अनुसार समय आने पर करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सिख के लिए श्री अकाल तख्त का आदेश सबसे उपर है और इन आदेशों के आगे सिर झ़ुकाते हुए उन्होंने आंदोलन का अपना फैसला वापिस लिया हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार का यह फैसला लोकतंत्र की क्षति भी है क्योंकि उसने जिन व्यक्तियों के हाथ गुरद्वारों का कार्य दिया है, वह लोगों द्वारा नकारे हुए हैं। गत् शिरोमणि कमेटी चुनावेां में हरियाणा की 11 की 11 सीटों पर अकाली दल के उम्मीदवार जीते थे और जिन व्यक्तियों को हरियाणा सरकार ने अब आगे लगाया है उनकी जमानतें जब्त हो गई थी।
बादल ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा ही पंजाब को कमजोर करने का प्रयास किया है। इसने केन्द्र में गत् 10 वर्षों के शासन के दौरान राज्य के किसानों, उद्योगपतियों तथा अन्य मेहनती वर्गों को बुरी तरह नज़रअंदाज किया है और इसकी नीतियों के कारण अब कृषि मुनाफा वाले व्यवसाय नहीं रहा तथा पड़ोसी राज्यों को उद्योग में दी रियायतों के कारण यहां कई उद्योग अन्य राज्यों में चले गए।