चण्डीगढ़ - पंजाब के मुख्य सचिव सर्वेश कौशल ने आज उच्च स्तरीय बैठक में 1995 के बाद बनी अनाधिकारित कालौनियों को प्लाट मालिकों को एतराजहीनता प्रमाण पत्र (एनओसीज़) जारी करने के कार्य का जायजा लिया। पंजाब सरकार ने 1995 के बाद बनी अनाधिकारित कालौनियों को नियमित करने सम्बन्धी दिशा निर्देश जारी किये थे जिस तहत बनती रकम का भुगतान करके प्लाट मालिक को एनओसी जारी किया जाना था।
बैठक में यह जानकारी दी गई कि 2,49,447 प्लाट मालिकों में रैगुलरलाईजेशन करवाने के लिए आवेदन किया था। इनमें से 1,41,496 प्लाट मयूनिसिपल क्षेत्र में पड़ते थे और इनके मालिकों ने स्थानीय निकाय विभाग के पास अप्लाई किया था। 107951 प्लाट मालिकों के प्लाट यूनिसिपल के क्षेत्र से बाहर आते थे जिस के लिए उन्होंने संबन्धित विकास एजेंसी गमाडा, पीडीए, बीडीए,गलाडा, जेडीए तथा एडीए के पास अप्लाई किया था। बैठक में यह सूचना दी गई थी कि इनमें से 1,85,504 प्लाट मालिकों में रैगुलरलाईजेशन की सौ प्रतिशत राशि का भुगतान करके अपने पूरे दस्तावेज जमा करवाए थे, इन सभी प्लाट मालिकों को संबन्धित एजेंसियों द्वारा एनओसीज़ जारी कर दिये गये हैं।
मुख्य सचिव ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि जिन अनाधिकारित कालौनियों के 70 प्रतिशत प्लाट मालिकों को एनओसीज़ जारी किये हैं, उन कालोनियों में पेय जल, सीवरेज सहित सभी आरम्भिक सुविधाएं तुरन्त मुहैया करवाई जाएं।