चंडीगढ़ - फसली विविधता को उत्साहित करने के लिए मक्की की फसल के लिए मंडीकरण यकीनी बनाने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने केंद्रीय खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के मंत्री श्री रामविलास पासवान को राज्य में मक्की को खरीदने के लिए एफ सी आई, एन ए एफ ई डी आदि जैसी केंद्रीय एजेंसियों को निर्देश देने के लिए कहा है । श्री पासवान को लिखे एक पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि गेंहू और धान के उत्पादन में कम जोखिम होने और यकीनन मंडीकरण की सुविधा के कारण राज्य के 80 प्रतिशत क्षेत्र में इन दोनों फसलों की खेती लंबे समय से हो रही है। इन दोनेा फसलों ने लगातार बढिय़ा झाड़ देने के साथ साथ किसानों की आय में भी योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि गेंहू और धान का उत्पादन वर्ष 2013-14 के दौरान क्रमश: 17.5 मिलियन टन और 16.9 मिलीयन टन हुआ है जिसके परिणाम स्वरूप राज्य केंद्रीय अनाज़ भंडार में 30 से 40 प्रतिशत योगदान डाल रहा है। स. बादल ने कहा कि उपलब्ध प्रौद्योगिकी के साथ अधिक से अधिक झाड़ देने की लगभग सभी प्रयास कर लिये गये हैं और अब उत्पादन की बढौतरी और किसानों की असल आय में स्थिरता आ जाती है। मुख्यमंत्री ने श्री पासवान को किसानों की आय में सुधार करने के लिए कृषि विविधता की जरूरत है और राज्य कृषि विभाग ने इस संबंध में मक्की, कपास, खेती वन और दालों जैसे परिवर्तित फसलों की पहचान की है ताकि गेंहू और धान के फसली चक्र को समाप्त किया जा सके और कृषि को बढिय़ा ढंग से चलाने सोग्य बनाने के अतिरिक्त इसको वातावरण पक्षीय बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि फसली विविधता कार्यक्रम अधीन आगामी तीन से 5 वर्षो के दौरान राज्य सरकार ने मक्की की खेती 5 लाख हैक्टयर रकबे में करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और धान के नीचे रकबा घटाने का फै सला किया है। स. बादल ने कहा कि यह लक्ष्य प्राप्त करना उतनी देर कठिन है जबतक भारत सरकार किसानों से न्यून्तम समर्थन मूल्य पर मक्की नही खरीदती।
मुख्यमंत्री ने श्री पासवान को बताया कि उन्होंने भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के पास यह मुद्दा उठाया है परंतु कृषि मंत्रालय प्रत्येक वर्ष मक्की के कम से कम मूल्य का एलान करता है और इस वर्ष भी उसने मक्की का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1350 रुपये निर्धारित किया है परंतु भारत सरकार की कोई भी एजेंसी पंजाब आकर इस मूल्य पर मक्की नही खरीदती जिसके परिणाम स्वरूप राज्य के किसानों को निजी व्यापारियों पर निर्भर रहना पड़ता है जिस कारण उनकी लूट होती है। स. बादल ने कहा कि कृषि मंत्रालय ने यह माना हे कि खाद्य एवं सिविल आपूर्ति मंत्रालय को न्यून्तम समर्थन मूल्य में मक्की की खरीद करनी चाहिए। उन्होंने श्री पासवान को कहा कि यह पहलकदमी केवल आपके द्वारा ही की जानी चाहिए और अधिकारी भारत सरकार द्वारा घोषित किये गये समर्थन मूल्य पर मक्की की खरीद की कभी भी आज्ञा नही देंगे।