चंडीगढ़ - पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल के निर्देशों पर राज्य के मुख्य सचिव सर्वेश कौशल को गृह युद्ध में उलझे इराक में से विशेष उड़ानों द्वारा वतन वापिस पहुंचे पंजाबियों को लेने और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे एवं कठिनाई रहित आवास स्वीकृति को यकीनी बनाने के लिए विशेष तौर पर तैनात किया गया।
यह जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे 19 पंजाबियों में से 12 पंजाबी शारजाह एयरलाइन चाटर्ड जहाज़ द्वारा और 7 पंजाबी इंडियन एयरलाइन चार्टड जहाज़ द्वारा 46 नर्सों के साथ देश पहुंचे हैं। मुख्य सचिव इनके साथ पंजाब भवन नई दिल्ली के स्थानीय आयुक्त के. शिवा प्रसाद भी हैं, हवाई अड्डे के इमीग्रेशन सैक्शन पर आवास स्वीकृति की प्रक्रिया की निजी तौर पर निगरानी की ताकि संबंधित अथॉरटीयों के हाथों किसी भी पंजाबी को परेशानी ना हो क्योंकि इराक में पहुंचे बड़ी संख्या भारतीयों के पास योग्य दस्तावेज़/आवास पत्र नही हैं। प्रवक्ता ने बताया कि मुख्य सचिव द्वारा केंद्रीय विदेश मंत्रालय और इराक में भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बनाया हुआ है ताकि वहां फंसे पंजाबियों की सुरक्षित वतन वापसी करवाई जा सके।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इराक से आने वाले पंजाबियों को बिना किसी रूकावट के सरल इमीग्रेशन क्लीयरैंस उपलब्ध करवाने के लिए पंजाब भवन, नई दिल्ली के दो सीनियर अधिकारियों के इंदिरा गंाधी अंतरराष्ट्रीय अड्डे पर 24 घंटे तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री स. बादल द्वारा इराक से पंजाबियों की सुरक्षित रिहाई की वचनबद्धता को दोहराते हुए प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार इस दिशा में पूरे प्रयास कर रही है और कल ओर पंजाबियों के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राजी खुशी पहुंचने की संभावना है। प्रवक्ता ने कहा कि इराक से आने वाले पंजाबियों के रहने, खाने पीने सहित, चिकित्सा सहायता आदि के सब प्रबंध किए गये हैं यदि कोई नई दिल्ली ठहरना चाहता है तो पंजाब भवन में रहने का प्रबंध किया गया है। इसके अतिरिक्त पंजाब भवन के अधिकारियों ने इराक से आने वाले पंजाबियों के अपने अपने घरों तक पहुंचाने के लिए निशुल्क परिवहन के प्रबंध किए हुए हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा किए फैसले के अंतर्गत इराक के मसूल क्षेत्र में फंसे 40 पंजाबियों के परिवारों को 20 हज़ार रुपये प्रति माह की वित्तीय मदद मुहैया करवाई जा रही है।