चंडीगढ़ - पंजाब सरकार ने पंजाब के गरीब लोगों को बैंक से ऋण लेने के लिए आती परेशानियों को दूर करने के मकसद से लाल लकीर के दायरें भीतर आते मकानों का राज्य में सर्वे करवा कर नंबर अलाट किए जाएंगे। इस संबंध में एक कानूनी कमेटी का गठन किया जाएगा जोकि अपने सुझाव देगी।
आज यहां पंजाब के कल्याण मंत्री की अध्यक्षता तहत हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में कहा कि गरीब आदमी को किसी फौजदारी या दीवानी केस में जेल हो जाती है तो उनके मकानों के नंबर अलाट होने के कारण जमानत करने में सुविधा मिलेगी। इसकी कमी कारण अनेकों गरीब लोग जेलों में जमानत ना होने के कारण अपनी सजा से अधिक सजा भुगत रहे हैं।
मंत्री ने बताया कि मकान की ऑनरशि़प / मलकीयत प्राप्त हो जाने से उन्हें अन्य ओर सुविधाएं भी प्राप्त हो सकेंगी। आबादी के व शामलाट जमीन जो लाल लकीर के भीतर आते हैं, जिसका सर्वे नहीं होता ऐसी शामलाट जमीन नजायज़ कब्जे से बच जाएगी और झगड़ों में और अदालती केसों में भी कमी आएगी।
मंत्री ने यही बताया कि परिवार के मुखिया के स्वर्गवास होने की सूरत में मकान आदि की उसके वारिसों के नाम व तबदीली / इंतकाल आदि में जो परेशानी आती है। इसलिए लाल लकीर वाले मकान अलाट होने से यह परेशानी दूर हो जाएगी। जाति सर्टीफिकेट जैसे कि रिहायश सर्टीफिकेट, अनुसूचित जाति और पिछड़ी श्रेणीयों का सर्टीफिकेट आदि बनवाने में उसे सुविधा मिलेगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि जन-गणना में मकान अलाट होने कारण डुप्लीकेसी नही होगी और बच्चों को स्कूलों/कालेजों में दाखिला लेने के लिए सुविधा मिल सकेगी।
बैठक में श्रीमती सीमा जैन, सचिव कल्याण, स.परमजीत सिंह, निदेशक कल्याण, श्री एस एस खैहरा विशेष सचिव, राजस्व विभाग और डिप्टी डायरैक्टर ग्रामीण विकास व पंचायत पंजाब उपस्थित थे।