चण्डीगढ़ - पंजाब में लोक सभा की 13 सीटों के लिए 30 अप्रैल को होने वाली मतदान के मध्यनजर पंजाब पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा प्रबन्ध करते हुए मतदान करने से पहले के नाजुक समय और वोटें डालने के अमल दौरान सतर्कता को बढ़ाने के लिए एक विशेष सुरक्षा योजना लागू की गई है। ताकि समूचे चुनाव कार्यक्रम को शान्तिमय और सुचारू ढंग से पूरा किया जा सकें।
आज यहां यह जानकारी देते हुए पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि चुनाव डियूटी के लिए पंजाब पुलिस के 59591 अधिकारियों/ जवानों और केन्द्रीय सुरक्षा दलों की 199 कम्पनियां (16119 अधिकारी/ जवान)की तैनाती से राज्य पुलिस स्वतंत्र, निरपेक्ष और सुचारू चुनाव अमल के लिए पुख्ता सुरक्षा प्रबन्ध प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय सुरक्षा दलों, पंजाब पुलिस के अधिकारियों और जवानों द्वारा जिला पुलिस प्रमुखों की अध्यक्षता में 28 अप्रैल को फ्लैग मार्च किये गये हैं। उन्होंने बताया कि वोट डालने से पहले कड़े सुरक्षा प्रबन्धों के लिए एक विशेष सुरक्षा योजना तेैयार की गई है। जिसके तहत आईजी/ डीआई स्तर के अधिकारी फील्ड में जाकर इस योजना को सही ढंग से लागू कर रहे हैं और यह अधिकारी वोट पडऩे अमल के शुरू होने से पहले पंजाब पुलिस की उचित तैनाती की नीजि समीक्षा करेंगें।
पुलिस प्रमुख ने बताया कि पंजाब की हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चण्डीगढ़, जम्मू एवं कश्मीर व राजस्थान के साथ लगती अन्तर्राज्यीय सीमाओं की प्रवेश पर 150 विशेष नाके लगाये गये हैं ताकि पूरे वोट पडऩे के दौरान कोई भी शक्की व्यक्ति राज्य में दाखिल न हो सकें। इसके अतिरिक्त 48 घण्टों के लिए विशेष 15286 नाके भी लगाये गये हैं जिनमें 13582 पुलिस पार्टियां जोकि पोंलिंग पार्टियों के साथ लगी हैं द्वारा पोलिंग केन्द्रों के समीप लगाये गये नाके और 1704 गश्ती पार्टियों द्वारा भी लगाये गये नाके शामिल हैं। इन नाकों का उद्धेश्य शराब या पैसे का वितरण करके वोटरों को प्रभावित करने के किसी तरह के यत्न को नाकाम करना है। उन्होंने बताया कि फील्ड में तेैनात सीनियर अधिकारियों को भी निर्देश दिये गये हें कि वह नीजि तौर पर फील्ड में निकल कर अचानक जांच/ नाके अपने देख रेख अधीन लगाएं ताकि जहां आम लोगों के मनों में सुरक्षा की भावना वहीं समाज विरोधी तत्वों के मनों में कानून का भय पैदा हो। उन्होंने कहा कि शराब के वितरण को रोकने के कार्य में लगी आबकारी विभाग की टीमों को भी उचित सुरक्षा प्रदान की गई है।
डीजीपी ने आगे बताया कि राज्य में 13582पोलिंग केन्द्र और 22060 पोलिंग बूथ बनाए गये हैं जिनमें से 2442 अति संवेदनशील और 4632 संवेदनशील और उनमें केन्द्रीय सुरक्षा दलों की तैनाती या जिला पुलिस द्वारा गश्त या माईक्रो अबजरबरों की नियुक्ति या वीडियो कैमरा रिकार्डिंग या वैब प्रशासन की व्यवस्था की गई है।
उन्होंने बताया कि समूचे राज्य को 1704 सैक्टरों (बीट) में बांट कर जिला चुनाव अधिकारी द्वारा नियुक्त सैक्टर इंचार्जों के साथ एक मुख्य सिपाही और तीन सिपाहियों पर आधारित पुलिस पार्टी प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि तेजी से संचार के लिए दो स्तरीय सुरक्षा योजना अपनाई गई है जिसके तहत आवश्यक संख्या में वायरलैस सैट प्रदान करने के अतिरिक्त इंचार्जो के मोबाईलों के जरिए सूचना का आदान प्रदान हो रहा है। इसके अतिरिक्त एक नई एसएमएस सेवा भी राष्ट्रीय सूचना केन्द्र के जरिए तैयार की गई है जिससे स्टेट कमाण्ड सैंटर और जिला केन्द्रों को इन पार्टियों से सीधे एसएमएस आ सकेंगें।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य में 5 मार्च को आदर्श चुनाव आचार संहित लागू होने के उपरान्त राज्य पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षा दलों द्वारा 27,11,54,996/- रूपये की नगदी को जब्त किया गया है। इसके अतिरिक्त 18577 किलो भुक्की, 97.202 किलो अफीम, 155.756 किलो हेैरोईन, 2.492 किलो सौक, 42.933 किलो नशीला पाऊडर, 60156 लीटर लाहन, 146168.205 लीटर नाजायज़ शराब,143917 कैप्सूल, 215896 गोलियां, 3799 बोतलें सिरप, 228220 बोतलें देसी शराब और 137 हथियार बरामद किये गये हैं। इसी प्रकार 608 भगौड़े मुजरिमों को गिर तार करने के अतिरिक्त 12846 व्यक्तियों के विरूद्ध अहतियाती कानूनों तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि कुल 274017 हथियार जमा करवाये गये हैं जो कि राज्य के कुल लाजमी हथियारों का 92 प्रतिशत है।