चण्डीगढ़, 26 जनवरी : पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में 64वंा गंणतंत्र दिवस बडी धूमधाम से मनाया गया। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस श्री अजरन कुमार ने राष्ट्रीय ध्वज लहराया और सुरक्षा जवानों ने सलामी दी। इस अवसर पर अपने संबोधन दौरान चीफ जस्टिस श्री सिकरी ने लोगो को गंणतत्र दिवस की शुभकामनाए देते हुये कहा कि आज के शुभ अवसर पर हमें स्वयं जांच करनी चाहिए ताकि हमारे विकास मयी सपने आसानी से साकार हो सके। महिलाओं विरूद्ध पिछले दिनों घटित घटनाओं और महिलाओं विरूद्ध निरतर बढ रही ङ्क्षहसा को समाज के मांथे पर कंलक बताते हुये चीफ जस्टिस की एक सभ्य समाज में महिलाओं पर जुर्म होना असह है उन्होने बताया कि महिलाओं विरूद्ध जुर्मो के मौजूदा और लम्बित पडे मामलों को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट सहित दोनों राज्यों व यूटी चंडीगढ की अदालतों को तेजी से निपटाने के लिए कहा गया है। और इसके बेहतर परिणाम सामने आने शुरू हो गये है।
क्येाकि दोषियों को शीघ्र अति शीघ्र सजा पीडितों को शीघ्र अति शीघ्र इंसाफ मिलने लग गया है। श्री सिकरी ने हाई कोर्ट के अधिकारियों,कर्मचारियों और वकीलों की प्रशंसा करते हुये कहा कि विभिंन राज्यों की अकालतों का स्टाफ आधुनिक प्रशिक्षण लेने के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में आ रहा है जो हमारे लिए गर्व की बात सरकारी दरबार में हो रहे भ्रष्टाचार,लाल फीताशाही और इंसाफ में देरी की बात करते हुये उन्होने सुझाव दिया कि जुडिशियरी से संबधित व्यक्ति आपसी तालमेल और मजबूत करने , अदालती केसों का समय पर निपटारा विश्वसनीय बनाए और निर्धारित समय में केसों के निपटारे को चुनौती के रूप में ले। उन्होने कहा कि असल इंसाफ तब मिलता है जब देश के प्रत्येक नागरिक और प्रत्येक जरूरत मंद को उसका बनता हक मिले। उन्होने कहा कि आओ हम आज के दिन हर जरूरतंमद को अपना पूरा जोर लगाकर इंसाफ दिलाने का प्रण करे।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करवाया गया गुरू नानक देव पब्लिक स्कूल सैक्टर 36 के बच्चों व अन्य कलाकारों ने राष्ट्रीय गीतों सहित देश भक्ति के गीत गाए इसके अतिरिक्त पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के कर्मचारियों की भगडा टीम ने भगडा डालकर समाबांधा और चीफ जस्टिस सहित अन्य अतिथि जजों को भी ढोल के ढंके पर नाचने के लिए मजबूर कर दिया अंत में चीफ जस्टिस ने सुरक्षा जवानों और रंगारग कार्यक्रम पेश करने वालों को प्रमाण पत्र और ईनाम देकर सम्मानित किया। समागम दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मोैजूदा और भूतपूर्व जज व उनके परिवार भी शामिल थे।