लुधियाना: बांझपन का इलाज किसी महिला व उसके पति दोनों के लिए ही एक मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परेशानी साबित होता है। यह सब थकाने वाला काम भी है, क्योंकि अक्सर इलाज के लिए दम्पत्तियों को बार-बार किसी बड़े शहर जाना पड़ता है। लेकिन लुधियाना वासियों के लिए अब अच्छी खबर यह है कि यहां बांझपन की चिकित्सा के लिए 562, मॉडल टाउन में गॉडियम आईवीएफ सेंटर खुल गया है, जहां टेस्ट ट्यूब बेबी, आईयूआई, एम्ब्रियो फ्रीजिंग, एग फ्रीजिंग, एग डोनेशन, डोनर इन्सेमिनेशन तथा सरोगेसी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
गॉडियम आईवीएफ की डायरेक्टर डॉ. मनिका खन्ना ने बताया, श्हमारे दिल्ली सेंटर में पंजाब सहित देश भर से लोग आते रहते हैं। ऐसे में हमें लगा कि मरीजों की सहूलियत के लिए अन्य शहरों में भी यह सुविधा देनी चाहिए। इसके लिए पंजाब में हमने लुधियाना को चुना। गॉडियम में तीन हजार से अधिक बच्चों की डिलीवरी करवायी जा चुकी है। ऐसे में हमारे लिए यह एक सामाजिक दायित्व की तरह है कि टियर टू व थ्री शहरों में भी यह सुविधा प्रदान की जाये।्य
भारत में बांझपन एक बड़ी समस्या रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक ताजा रिपोर्ट कहती है कि वर्ष 2000 के बाद से भारत में शिशु को जन्म देने की क्षमता में 17 प्रतिशत गिरावट आयी है। हालांकि यह समस्या दुनिया के अन्य देशों में भी बढ़ी है, परंतु पंजाब में यह गिरावट 28 प्रतिशत तक दर्ज हुई है। पहले यह समस्या शहरी लोगों में पायी जाती थी, लेकिन अब छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी यह समस्या काफी अधिक है।
डॉ. मनिका ने इसकी वजह बताते हुए कहा, श्पुरुषों को रोजमर्रा जिंदगी में कई बार ऐसे रसायनों व पर्यावरणीय विषैले पदार्थों से वास्ता पड़ता है जिससे शुक्राणुओं की गुणवत्ता और संख्या बुरी तरह प्रभावित होती है। पिछले एक दशक के दौरान भारतीय पुरुषों में शुक्राणुओं की क्वालिटी अत्यधिक प्रभावित हुई है। इसके लिए पर्यावरणीय प्रदूषण, रहने व काम करने का स्थान तथा जीवन शैली में बदलाव आदि कारक जिम्मेदार हैं। धूम्रपान, शराब का अधिक सेवन, तनाव और देर से विवाह आदि इस समस्या के अन्य कारण हैं।
एक अनुमान के अनुसार, पंजाब में करीब 36,90,000 आबादी इन्फर्टिलिटी की समस्या से ग्रस्त है, जिसको तत्काल मेडिकल मदद की जरूरत है। यह मनोवैज्ञानिक और सामाजिक दोनों तरह की विषम स्थिति है।
गॉडियम आईवीएफ दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का एक अग्रणी सेंटर है। इसकी संस्थापक डॉ. मनिका खन्ना को भारत की तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल वर्ष 2009 में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए श्दिल्ली रतन्य अवार्ड से सम्मानित कर चुकी हैं। गॉडियम की मदद से पिछले चार वर्षों में 1501 महिलाएं गर्भधारण कर चुकी हैं। इसकी अन्य शाखाएं साउथ दिल्ली, ईस्ट दिल्ली, नॉर्थ दिल्ली तथा श्रीनगर में हैं। आईवीएफ इंडिया पत्रिका ने गॉडियम को भारत का सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ इंस्टीट्यूट घोषित किया है। ब्रांड्स एकेडमी ने 2012 में इसे आईवीएफ सरोगेसी के क्षेत्र में बैस्ट ब्रांड का दर्जा दिया।