अमृतसर- देश की प्रसिद्ध हस्तियों को देश का सर्वोच्च अवार्ड देने की रिवायत को तोडते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने भारत सरकार को कहा कि मार्शल आफ दी एयर फोर्स अर्जन सिंह द्वारा देश की अंखडता और एकता को कायम करने के लिए डाले गये योगदान के बदले उनको सर्वोच्च सिविलियन अवार्ड‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए।
यहां पंजाब राज्य जंगी नायक यादगार और स्मारक का नींव पत्थर रखने के बाद विशाल एकत्रता को संबोधन करते हुये मुख्यमंत्री ने भारत सरकार का यह महत्वपूर्ण सम्मान अर्जन सिंह को दिये जाने की जोरदार वकालत की क्योकि सेना के जरनैल फील्ड मार्शल सैम माणकशाह और फील्ड मार्शल के एम करीअप्पा के बाद केवल अर्जन सिंह ही है जो अभी भी अपनी जिम्मेवारियां निभा रहे है ओैर हवाई सेना में विभिंन रूप में निभाई शानदार सेवाए उनको रक्षा सेवाओं की कैटागरी में भारत रत्न के योगय बनाती हैं जब कि यह अवार्ड अब तक विभिंन क्षेत्र के प्रसिद्ध नागरिकों को दिया जाता है।
लाखों की संख्या में सेवाए निभा रहे सैनिकों और सेवा निवृत सैनिकों की मांगों के प्रति आवाज उठाते हुये मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार को अपील की कि ‘एक रेंक एक पैंशन’ की लम्बे समय से चली आ रही मांग फौरी तौर पर स्वीकृत की जाए ताकि वह सेवानिवृति के पश्चात सुख भरा जीवन व्यतीत कर सकें। रक्षा सेवाओं में पंजाबियों की भर्ती संबधी एक अन्य मांग उठाते हुये स. बादल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सेना में पंजाब के बहादुरी भरी बेमिसाल विरासत के मध्यनजर भर्ती प्रक्रिया में पुरूषों की आबादी आधारित प्रणाली को वापिस लिया जाए ताकि पंजाब जिसकी आबादी देश की कुल आबादी का 2.5 प्रतिशत बनता है, नवयुवक भी अधिक से अधिक अपनी सेवाएं निभा सकें।
सैनिकों और भूतपूर्व सेनिकों के लिए अहम घोषणा करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिंन विभागों में सेवा निवृत सेैनिकों के लिए आरक्षित पदों का बैकलाग पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा स. बादल ने यह भी घोषणा की कि जंगी विधवाओं के लिए मकान के निर्माण के लिए ऋण पांच लाख से बढाकर दस लाख रूपये किया जाएगा इसी प्रकार जंगी जागीर भी पांच हजार रूपये से बढाकर दस हजार रूपये की जाएगी। स. बादल ने इस अवसर पर सैनिकों और भ्ूातपूर्व सैनिकों का प्रापर्टी टैक्स भी खत्म करने की घोषणा की।
भूतपूर्व सैनिको की एक अन्य मांग स्वीकृत करते हुये मुख्यमंत्री ने सीएसडी की वस्तुओं की ब्रिकी पर वैट दर 6.5 प्रतिशत से घटाकर चार प्रतिशत करने की घोषणा भी की। सैनिकों और सेवानिवृत सैनिकों को बडी राहत देते हुये स. बादल ने घोषणा की कि जांलधर में सैनिकों के लिए विशेष अदालत स्थापित की जाएगी ताकि उनको न्याय शीघ्र मिल सकें। इसके साथ ही जांलधर और अमृतसर में दो पुलिस थानें भी खोलने की घोषणा की जहां किसी भी मामले की सुनवाई कम से कम एसपी के रैंक का अधिकारी करेगा। स. बादल ने चंडीगढ में वित आयुक्त राजस्व के कार्यालय में टोल फ्री न. चालू करने की घोषणा की ताकि सैनिकों और भूतपूर्व सैनिकों को सारे जमीनी मामले विशेष कर मकान खाली करवाने संबधी कोई भी समस्या दूर की जा सकें।
मोहाली में स्थित महाराजा रणजीत सिंह आर्मड फोर्सिस प्रैपरेटरी अकादमी की सफलता और बेहतर कारगुजारी से प्रभावित होते हुये मुख्यमंत्री ने लड़कियों के लिए माई भागो आमर्ड फोर्सिस प्रैपरेटरी अकादमी खोलने की घोषणा की ताकि लडकियों को भी रक्षा सेवाओं में सेवा निभाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना का सर्विस सिलेक्शन सैटर (नारथ)पंजाब में स्थापित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा भारत सरकार को रूपनगर में 200 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई जा चुकी हैं जहां रक्षा सेवाओं में अधिकारियों की भर्ती की जाएगी। इसके अतिरिक्त रूपनगर में उच्च दर्जे की नेवल अकादमी की स्थापना की जा रही है ताकि नवयुवकों को जल सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण दिया जा सकें।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि एन सी सी कैडिटों की रिफरैंशमैंट 6 रूपये प्रति कैडिट से बढाकर 25 रूपये और कैंपों के दौरान खुराक के लिए 75 रूपये से बढाकर 95 रूपये करने प्रति कैडिट की जाएगी। इस अवसर पर कैडिटों ने मुख्यमंत्री का तालियों से धन्यवाद किया।
देश की रक्षा के लिए पंजाब के रक्षा अधिकारियों और सैनिकों द्वारा डाले मिसाली योगदान की प्रशंसा करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां अमृतसर-अटारी रोड़ पर 100 करोड़ रूपये की लागत से 7 एकड़ क्षेत्र में बनाई जा रही विश्व स्तरीय यादगार और स्मारक उन महान योद्धाओं को समर्पित होगा जिन्होने अपनी मातृभूमि के लिए बहुमूल्य कुर्बानियां दी। उन्होने कहा कि इन सैनिकों को कुर्बानी की पे्ररणा हमारे महान गुरू साहिबान श्री गुरू अर्जुन देव जी, श्री गुरू तेगबहादुर जी और श्री गुरू गोंबिद सिंह जी से मिली है जिन्होने मुगल हाकमों के जबर , जुल्म और अन्याय विरूद्ध लड़ाई लड़ी और हमेशा ही मानवीय अधिकारियों कीरक्षा और मानवता के कल्याण के लिए पेहरा दिया।
सैनिकों के कल्याण के लिए अपनी वचनबद्धता को दोहराते हुये स. बादल ने कहा कि राज्य सरकार अपने महान सपूतों के कल्याण के लिए हमेशा ही तत्पर है जिनके द्वारा देश वासियों के सुखमय जीवन के लिए मुश्किल से मुश्किल स्थिति से भी निपटा जाता हैं।
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री को सैनिकों की लम्बे समय से चली आ रही मांग ‘एक रैंक एक पैंशन’ का मामला केन्द्र सरकार के समक्ष उठाने की अपील की । मुख्यमंत्री के इस नये प्रयत्न की प्रशंसा करते हुये उन्होने कहा कि ऐसी जंगी यादगारें अन्य राज्यों में भी स्थापित की जानी चाहिए ताकि हमारे नवयुवकों में देश भक्ति और राष्ट्र वाद की ज्योति जगाई जा सकें। स. सुखबीर सिंह बादल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह कौमें जीती रहती है जो अपने शहीदों को दिलों में बसाती और सम्मान देती हेँै।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृभूमि की सुरक्षा के लिए फौज के जरनैलों की भूमिका को ना केवल राज्य बल्कि केन्द्रीय स्कूलों की शिक्षा का हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने फौज द्वारा शांतमयी विशेष करके बाढ़, भूकम्प व अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत व पुर्नवास के कार्यों दौरान निभाई जा रही सेवाओं को याद किया।
सूचना व लोक संपर्क एवं राजस्व मंत्री स.बिक्रम सिंह मजीठिया ने धन्यवादक शब्द बोलते कहा कि पवित्र नगरी में बनने वाला पंजाब राज्य जंगी नायक यादगार व स्मारक लगभग एक लाख श्रद्धालुओं को अपने महालन नायकों को नमस्कार करने का अवसर प्रदान करेगा जो श्री दरबार साहिब के दर्शनों के लिए रोज़ाना यहां आते हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र नगरी को अब तक दुनियाभर में बराबरता व सहनशीलता वाली धरती कारण जाना जाता है और आगे से यह धरती फोैज के जरनैलों व सैनिकों की बेमिसाल कुर्बानियों व बहादुरी को मूर्तिमान करने वाली धरती कारण भी पहचानी जाया करेगी। उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लिए ओर भी आवश्यक व सार्थक है जिसे शहीदों की धरती के रूप में जाना जाता है।
इस अवसर पर लैफटीनैंट जनरल /सेवानिवृत्त/ शंकर राय चोैधरी ने फौज के कुर्बानी भर इतिहास को मूर्तिमान करती इस यादगार के निर्माण के लिए किए प्रयत्नों फलस्वरूप मुख्यमंत्री की भरपूर श£ाघा की। जनरल राय ने कहा कि पंजाब सरकार ने इस यादगार का नींव पत्थर रखकर आज वह कार्य करके दिखाया जिसे केन्द्र सरकार अब तक नहीं कर सकी व इसके साथ ही पंजाब सरकार ने लाखों लोगों की इच्छाओं पर फूल चढ़ाए हैं। एक कदम ओर आगे जाते उन्होंने कहा कि यह यादगार राष्ट्रीय यादगार कहलाने की हकदार है जिसके लिए केन्द्र सरकार को आगे आना चाहिए।
इस अवसर पर थल सेना के पूर्व मुखी जनरल जे जे सिंह ने पंजाबियों की श़हादल वाले जज़्बे को नमस्कार करते कहा कि पंजाब केवल पांच दरियाओं की धरती नहीं बल्कि यह योद्धाओं, विजेताओं व शहीदों की पवित्र धरती भी है। उन्होंने कहा कि हमें उनके महान योगदान के आगे सिर झुकाना चाहिए जिन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए जीवन तक कुर्बान कर दिया। उन्होंने कहा कि यह विलक्षण यादगार रक्षा सेवाओं के सैनिक से लेकर जरनैलों के महान विरासत व कुर्बानियों को मूर्तिमान करेगी। इसके अतिरिक्त यह यादगार राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी यादगार कायम करने के लिए मुहिम आरंभ करेगी। उन्होंने नवयुवक ों को रोज़गार की तलाश में विदेश जाने के रूझान को बंद करने का न्यौता दिया क्योंकि पंजाब में भी अच्छे रोज़गार के अथाह अवसर हैं जिस कारण उन्होंने विदेशों में कुछेक छोटे धंधों की बजाए यहां मान-सम्मान वाला जीवन व्यतीत करना चाहिए। जनरल जे जे सिंह ने समूह फौजियों को गरीब व जरूरतमंद परिवारों का एक-एक बच्चा अपनाने की अपील की ताकि यह बच्चे भी अच्छी तालीम हासिल करके देश की सेवा कर सकें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समारोह में आकर्षण के केन्द्र रहे माशऱ्ल आफ की एयर फोर्स श्री अर्जुन सिंह को श्री दरबार साहिब के माडल से सम्मानित किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने जनरल /सेवामुक्त/ एस के सिन्हा, जनरल /सेवामुक्त/ दीपक कपूर, एडमिरल /सेवामुक्त/ वी एस शेखावत व माधवेन्द्र सिंह को शाल व यादगारी चिन्न से सम्मानित किया।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने सेवाएं निभा रहे व सेवा-मुक्त सैनिकों व अधिकारियों और जंगी विधवाओं / वीर नारियां/ को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर कैबिनट मंत्री चुन्नी लाल भगत, स. गुलज़ार सिंह रणीके व अनिल जोशी, मुख्य संसदीय सचिव स.विरसा सिंह वल्टोहा, स. अमरपाल सिंह बोनी व स.इन्द्रबीर सिंह बुलारीया, भाजपा के जिला प्रधान कमल शर्मा, मुख्यमंत्री के राष्ट्रीय मामलों संबंधी मीडिया सलाहकार हरचरन बैंस, उप-मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार जंगवीर सिंह, अजीत अखबार समूह के मुख्य संपादक बरजिन्द्र सिंह हमदर्द, इंडियन एक्सप्रैस के रैज़ीडैंट एडीटर विपिन पब्बी, डेली पोस्ट के मुख्य संपादक मनीश तिवाड़ी, पूर्व मंत्री स.रणजीत सिंह बाठ व बीबी जगीर कौर, विधायका डा. दलजीत सिंह चीमा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एस के संद्धू व विशेष प्रमुख सचिव के ज़े ़एस चीमा, रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव एस आर लॅधड़, सूचना व लोक संपर्क विभाग के निदेशक अश्विनी कुमार व डिप्टी कमिश्रर रवि भगत उपस्थित थे।