चंडीगढ़ - जाली दस्तावेजों के आधार पर अनुसूचित जाति का जाली सरटीफिकेट तैयार करवा कर चार लाख रूपये का ऋण हासिल करने वाले आरोपी को अमृतसर के माननीय अतिरिक्त सेशन जज श्रीमती नवजोत सोहल की अदालत ने तीन वर्ष और पांच हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई हैं। वर्ष 2004 में अमृतसर विजीलैंस ब्यूरो ने आरोपी पिशोरा सिंह वासी गांव चक्क मशरी खान विरूद्ध धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था ।
विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने इस संबधी जानकारी देते हुये बताया कि आरोपी पिशोरा सिंह पुत्र बलबीर सिंह बलबीर सिंह कौम जटट सिंह वासी गांव चक्क मशरी खान,तहसील अजनाला जिला अमृतसर द्वारा वर्ष 2004 में जाली दस्तावेजों के आधार पर अनुसूचित जाति का जाली प्रमाण पत्र तैयार करवा कर पंजाब अनुसूचित जातियां भूमि चार लाख रूपये का ऋण हासिल किया गया था। उस विरूद्ध विजीलैंस ब्यूरो अमृतसर द्वारा 20 जनवरी 2004 को भारतीय दंड विधान की धारा 409,420,467,120-बी और भ्रष्टाचार उन्मूलन एक्ट 1988 की धारा 13(1)डी रा/व13(2)थाना विजीलैंस ब्यूरो,अमृतसर में दर्ज किया गया था।