चंडीगढ़ - राजस्थान आधारित कनाडा के नागरिक दविंदर सिंह उर्फ देव के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय सिंथैटिक ड्रग रैकेट में पंजाब पुलिस ने मुंबई पुलिस के क्राईम ब्रांच के सहयोग से गिरफतार किये दो व्यक्तियों डॉ. संजय गोयल और बसंत श्रीवास्तव की गिरफतारी के पश्चात महाराष्ट्र की एक दवा बनाने वाली फैक्ट्री की तलाशी के दौरान सिंथैटिक ड्रग बनाने के लिए इस्तेमाल किये जाते पदार्थो की बरामदगी के अतिरिक्त बड़ी मात्रा में ऐसे पदार्थो को गत् दिवस आग लगाकर समाप्त किये जाने का पता लगाया है।
यह जानकारी देते हुए दिनकर गुप्ता, ए डी जी पी सुरक्षा ने बताया कि पंजाब पुलिस की एक टीम द्वारा अदालती स्वीकृति के पश्चात महाराष्ट्र में थाने स्थित मैसर्ज मैडीक्राफ्ट प्राईवेट लि. की 17 और 18 जनवरी को ली गई तलाशी के दौरान सिंथैटिक ड्रग के लिए इस्तेमाल की जाती सामग्री और रसायन बड़ी मात्रा में बरामद किये हैं और मौके पर की गई जांच के दौरान बड़ी संख्या में रसायन संदेहपूर्ण ढंग से कुछ समय पूर्व आग लगाकर समाप्त किये जाने संबंधी भी पता लगा है। उन्होंने बताया कि पुलिस पार्टी द्वारा आईस नामी ड्रग तैयार करने के लिए इस्तेमाल किये जाते 42 लीटर मोनोमिथाइल अमाइन और पंजाब में लोमोटिल, फिनोटिल और मोमोटिल आदि के निर्माण के लिए इस्तेमाल किया जाता 881 कि.ग्राम डाईफिनोकसीलेट हाईड्रो कलोराईड बरामद किया गया जबकि दिसंबर, 2013 में 3500 कि.ग्राम ओ-कलोरोफेली साईकलोपैंटाईल कीटोन को आग लगाकर जला दिये जाने संबंधी पता लगा है। यह कच्ची सामग्री कीटामाइन बनाने के लिए इस्तेमाल की जाती थी जिस संबंधी कंपनी का लाईसैंस 30 मई, 2006 को रद्द किया गया था।
उन्होंने बताया कि गिरफतार व्यक्तियों डॉ. संजय गोयल और बसंत श्रीवास्तव का 25 जनवरी, 2014 तक पुलिस रिमांड मिला है और उनसे इस सिंथैटिक ड्रग रैकेट में इस्तेमाल किये जाते ढंग और अन्य अह्म कडिय़ों को जोडऩे के लिए पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि संजय गोयल एम डी रेडियोऑलोजी है और उसने दवाईयां बनाने वाले उद्योग में शामिल होने से पूर्व अपना यह काम छोड़ दिया था। उन्होंने बताया कि डॉ. गोयल काफी चुस्त व्यक्ति है और मुंबई में एक शाहना बंगले में ठाठ भरा जीवन व्यतीत कर रहा है। उन्होंने बताया कि डॉ. गोयल सैनविन ग्रुप ऑफ कंपनीज़ का मालिक है जिसकी 6 कंपनियां क्रमश: मैडीक्राफ्ट फ्रमासूटिकलज़ प्राईवेट लि., पाइनीर एग्रो इंडस्ट्रीज़ फ ार्मासूटिकल्ज़ प्राईवेट लि., सैनविन लैब., सैनविन एक्सपोटर्ज, मैडीग्राफ इंडीया प्रा. लि. और सोनिका कैमि. प्रा. लि. हैं। इस मामले में आगामी पूछताछ जारी है।