चण्डीगढ़ - पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने ‘प्रगतिशील पंजाब कृषि सम्मेलन-2014’ के कार्यक्रमों एवं योजना को स्वीकृति दे दी है। यह सम्मेलन राज्य सरकार द्वारा 16 फरवरी से 19 फरवरी तक चप्परचिड़ी (मोहाली) में करवाया जा रहा है।
स. बादल ने गत् देर सांय अपने निवास स्थान पर राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर करवाये जा रहे इस महासम्मेलन के प्रबंधों का जायजा लिया।
स. बादल ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्धेश्य राज्य की खेती आर्थिकता को मज़बूत करने के लिए नये राह तलाशना है और इस सम्मेलन में आलमी स्तर पर प्रमुख कृषि विशेषज्ञ, कृषि वैज्ञानिक एवं प्रगतिशील किसानों की अधिक से अधिक शमूलियत को यकीनी बनाना है। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों द्वारा खेती विशेषज्ञों से विचार विमर्श और मुलाकातों से किसानों के ज्ञान में बढ़ौतरी होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कृषिमें हाल ही के समय दौरान लागू किये तकनीकी पक्षों को नुमाइश के दौरान प्रदर्शित किया जायेगा। इसके साथ ही सम्मेलन दौरान 100 एकड़ रकबे पर कृषि एवं पशुओं आदि से संबंधित स्टाल भी लगाये जायेंगे।
मुख्यमंत्री ने मुख्य समारोह, नुमाइश और तकनीकी सत्र के लिए सैमीनार हाल की योजना को भी स्वीकृति दे दी है। इसके अतिरिक्त विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए स्टेजों को भी स्वीकृति दे दी गई है। स. बादल ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा तैयार की मीडिया योजना का भी जायजा लिया और इसको प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिये ताकि समूची किसानी को इसके प्रभावी तरीके से अवगत् करवाया जा सके। उन्होंने पंजाब किसान आयोग के चेयरमैन डॉ. जी एस कालकट के नेतृत्व में कार्य कर रही तकनीकी कमेटी को विभिन्न तकनीकी सत्रों की अंतिम रूपरेखा बनाने के लिए भी कहा है। मुख्यमंत्री ने बैठक दौरान बताया कि इस सम्मेलन दौरान कनाडा, अमेरिका, हॉलैंड, इटली, इजराय़ल, ताइवान की टीमों द्वारा हिस्सा लेने की संभावना है और बाहर से और राज्य में से आने वाले अतिथियों के ठहरने के उचित प्रबंध कर लिये गये हेँ।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में पंजाब राज्य किसान आयोग के चेयरमैन डॉ. जी एस कालकट, मुख्यमंत्री के राष्ट्रीय मामलों और मीडिया सलाहकार हरचरन बैंस, वित्तायुक्त विकास सुरेश कुमार, वित्तायुक्त पशुपालन जी विजरालिंगम, प्रधान सचिव मुख्यमंत्री और वित्तायुक्त सहकारिता एस के संधू और विशेष सचिव मुख्यमंत्री गगनदीप सिंह बराड़ के अतिरिक्त राज्य सरकार के सीनियर अधिकारी शामिल थे।