चंडीगढ़ - पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने आज कहा कि 450 करोड़ की लागत से बनने वाले होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केन्द्र (एच बी सी एच आर सी) के असितत्व में आने से पंजाब ना केवल देश में बल्कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर कैंसर के उपचार का सबसे बेहतरीन केन्द्र बन जाएगा।
आज यहां मेडीसिटी में प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह द्वारा होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान कैन्द्र का नीवं पत्थर रखे जाने के बाद एकत्रता को संबोधित करते हुये मु यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने पहले ही कैंसर खिलाफ जंग आंरभ कर दी है और इसका उदेश्य कैंसर का पूरी तरह खात्मा करना है जिस करके इस नामुराद रोग के पीडितों को वाजिव दरों पर विश्व स्तर की उपचार सुविधाएं मुहैया करवाने की हर संभव कोशिश की जा रही है।
इस प्रोजैक्ट को तेजी से मंजूरी दिलाने के लिए प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह द्वारा किये गये निजी प्रयासों के लिए उनका हार्दिक धन्यवाद करते हुये मु यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कैंसर के उपचार की सुविधाओं का स्तर उच्चा उठाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों के लिए यह केन्द्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होने कहा कि अमृतसर, पटियाला एवं फरीदकोट के सरकारी मेडीकल कालेजों एवं अस्पतालों में विशेष तौर पर कैसर केयर विंग स्थापित किये गये हैं। इसके अतिरिक्त टाटा मैमोरियल सैंटर, मुंबई के नेतृत्व में बठिंडा में 100 बिस्तरों का कैंसर अस्पताल भी स्थापित किया जा रहा है उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने पहले ही 300 करोड रूपये का समर्पित फंड कायम किया है जिससे कैंसर के रोगी डेढ लाख रूपये का मुफत ईलाज करवा सकेगें। स. बादल ने यह भी ऐलान किया कि राज्य सरकार द्वारा एक जनवरी 2014 से सरकारी और चयनित 16 अस्पतालों में कैंसर के ईलाज के लिए बढिया सुविधाएं देने के लिए नकदी रहित ईलाज स्कीम शुरू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा कैंसर की नामुराद बीमारी विरूद्ध राज्य सरकार को मदद एवं सहायता देने का भी जिक्र किया।
पंजाब के सर्वपक्षीय विकास और खुशहाली यकीनी बनाने के लिए अपनी वचनद्धता दोहराते हुये मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार का मुख्य एजेडा राज्य का समूचा विकास और तरक्की करना हैं। उन्होने कहा कि राज्य के विकास के नेक कार्य के लिए वह विरोधी राजनीतिक पार्टियों का समर्थन लेने कभी भी हिचकाए नही। उन्होने प्रधानमंत्री को अवगत करवाया कि उन्होने पंजाब विधान सभा में विरोधी पक्ष के नेता सुनील जाखड के साथ मिलकर दक्षिण पंजाब में सेम की समस्या का मुददा उठाया था और बाद में वह इकठे ही संयुक्त शिष्टमंडल के रूप में भारत सरकार के योजना आयोग के उपचेयरमैन डा. मोंटेक सिंह आहलुवालिया के पास गये थे और इस समस्या के हल के लिए विशेष पैकेज की मांग की थी।
मुख्यमंत्री ने टाटा मैमोरियल सैंटर के निदेशक डा. आर ए बडवे द्वारा कैंसर के बेहतरीन ईलाज के लिए राज्य सरकार को बहुमूल्य सहायता मुहैया करवाने के लिए उनका विशेष तौर पर धन्यवाद किया। उन्होने भारत सरकार के परमाणु उर्जा विभाग द्वारा इस प्रोजैक्ट में विशेष दिलचस्पी दिखाने के लिए भी उनकी प्रशंसा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डा. मनमोहन सिंह को शाल, किरपान और श्री दरबार साहिब अमृतसर का चित्र भेंट किया।
पंजाब के राज्य पाल शिवराज वी पाटिल और स्वास्थ्य मंत्री सुरजीत कुमार जिआणी भी इस अवसर पर मंच पर उपस्थित थे।
आंनदपुर साहिब से लोक सभा सदस्य रवनीत सिंह बिटटू ने भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया।
टाटा मैमोरियल सैटर, मुंबई के निदेशक डा. बडवे ने मंच संचालन किया। परमाणु उर्जा विभाग के सचिव आर के सिन्हा ने धन्यवाद किया।
इस अवसर पर केबिनेट मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया, स. आदेश प्रताप सिंह कैरों, स. जनमेजा सिंह सेखो, मदन मोहन मित्तल, स. गुलजार सिंह रणीके, स. सिंकदर सिंह मलूका एवं स. सरवन सिंह फिल्लौर के अतिरिक्त मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव एस के संधू और विशेष प्रधान सचिव गगनदीप सिंह बराड़ उपस्थित थे।
समागम में विधायक , संसद सदस्य और समाज के विभिंन वर्गाे के प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे।