चण्डीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई पंजाब रीजनल एंड टाउन डिपवेल्पमैंट बोर्ड की 27वीं बैठक दौरान मुल्लांपुर के मास्टर प्लान में संशोधन करते हुए इसका नाम बदल कर मास्टर प्लान न्यू चंडीगढ़ रख दिया है।
इस संबंधी फैसला बोर्ड की आज सांय पंजाब भवन में हुई बैठक के दौरान लिया गया। विचार विमर्श के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं बोर्ड के सह-चेयरमैन स. सुखबीर सिंह बादल ने न्यू चंडीगढ़ विश्व स्तरीय शहर के तौर पर विकसित करने पर बल दिया। जिसमें सभी अतिआधुनिक सुविधांए और बुनियादी ढांचा हो। उन्होंने पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग विभाग को मास्टर प्लान की सैक्टरों में वितरण करने को यकीनी बनाने के लिए कहा है जिसके अनुसार प्रत्येक सैक्टर में आंतरिक सडक़ें हों ताकि समूचे मास्टर प्लान को चंडीगढ़ की तर्ज पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
बोर्ड ने एस ए एस नगर मोहाली के सैक्टर -65 ए में पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा स्थापित की जा रही सब्जी मंडी को भी स्वीकृति दे दी है। यह फैसला इसलिए आवश्यक था क्योंकि इससे सब्जी मंडी का अपना नया एडरैस हो जायेगा। इससे पूर्व यह मंडी मोहाली के किसी भी सैक्टर में नही आती थी।
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले दौरान बोर्ड ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यकारी कमेटी गठित कर दी है जिसमें वितायुक्त राजस्व, प्रधान सचिव मुख्यमंत्री, वाणिज्य एवं उद्योग, देहाती विकास एवं पंचायत, स्थानीय निकाय, वातावरण, लोक निर्माण, कृषि और आवास एवं शहरी विकास के प्रधान सचिव/सचिव इसके सदस्य होंगे। इसका गठन इसलिए किया गया है ताकि बोर्ड की नियमित बैठकों की गैर उपस्थिति में मास्टर प्लानों के संबंध में फैसले लिये जा सकें।
बोर्ड ने लुधियाना और जगराओं के मास्टर प्लान में भी सार्वजनिक हितों के मद्देनज़र कुछ संशोधनों को स्वीकृति दे दी है।
उपमुख्यमंत्री ने कंट्री और टाउन प्लानिंग विभाग को एस ए एस नगर और न्यू चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में मैरिज प्लेसों संबंधी प्रभावी नीति तैयार करने के लिए भी कहा है जिनमें कुल पार्किन्ग में से कम से कम 50 प्रतिशत पार्किन्ग अंडर ग्रांउड करने के निर्देश दिये ताकि सडक़ों पर भीड़ भाड़ से बचा जा सके क्योंकि मैरिज प्लेसों के समीप भीड़ होने के कारण सडक़ दुर्घटनायें अक्सर घटित होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि उपरोक्त नीति तहत जिस एजेंसी को नये चंडीगढ़ का मास्टर प्लान तैयार करने का कार्य सौंपा गया है, द्वारा मैरिज पैलेसों के लिए एक विशेष अलग पॉकेट तैयार की जानी चाहिए। जिनमें अनिवार्य तौर पर भूमिगत पार्किन्ग हो। स. बादल ने इस बात पर भी बल दिया कि न्यू चंडीगढ़ और एस ए एस नगर में ग्रुप हाउसिंग के लिए कम से कम क्षेत्र रखने पर बल दिया जो 10 एकड़ मिश्रित भूमि प्रयोग जोन हो। बैठक में कै बिनेट मंत्री स. शरणजीत सिंह ढिल्लों सहित प्रमुख विभागों के उच्च अधिकारी भी उपस्थित थे।