तलवंडी साबो : पंजाब के उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा 25 नवंबर को 1980 मैगावाट की समर्था वाला तलवंडी साबो थर्मल प्लांट पंजाब वासियों को समर्पित कर दिया जाएगा। आज यहां तलवंडी साबो थर्मल प्लांट का दौरा करते समय पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुये स. बादल ने कहा कि इस थर्मल प्लांट की कुल लागत 11000 करोड़ रूपये है और उदघाटन के बाद इसका 660 मैगावाट का पहला यूनिट उत्पादन शीघ्र उत्पादन शुरू कर देगा। स. बादल ने बताया कि 1400 मैगावाट की समर्था वाला थर्मल प्लांट भी इसी वर्ष 8 दिसंबर को चालू हो जाएगा। उन्होने कहा कि राजपुरा थर्मल प्लाँट का पहला यूनिट इसी दिन 700 मैगावाट बिजली उत्पादन करेगा।
स. बादल ने कहा कि जब अकाली भाजपा सरकार ने 2007 में सत्ता संभाली थी तो उस समय राज्य में बिजली की कमी सबसे बड़ी समस्या थी और उसी दिन मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में राज्य को अतिरिक्त बिजली वाला राज्य बनाने का प्रण लिया गया था। स. बादल ने कहा कि बिजली किसी भी राज्य की तरक्की का आधार है क्योकि कृषि उत्पादन से लेकर औद्योगिक उत्पादन इसी पर निर्भर है उन्होने कहा कि जब मैने कहा था कि पंजाब को देश का पहला अतिरिक्त बिजली वाला राज्य बनाया जाएगा तो कांग्रेसियों ने इस को दिन में सपने देखना कहा था व आज कड़ी मेहनत व अनथक प्रयासों के पीछे पंजाब अतिरिक्त बिजली वाला राज्य बनने के कगार पर है। उन्होंने कहा कि मेरे शब्दों से ज्यादा मेरा काम बोलता है।
उन्होंने साथ ही कहा कि राजपुरा, गेाइंदवाल साहिब व तलवंडी साबो थर्मल प्लांटों के लिए कोयले की सप्लाई का प्रबंध हो चुका है। स.बादल ने साथ ही कहा कि इन थर्मल प्लांटों द्वारा उत्पादित बिजली बहुत ही वाजिब रेट पर लोगों को मुहैया करवाई जाएगी और मुकम्मल उत्पादन शुरू होते ही बिजली के वर्तमान भाव में कमी की जाएगी।
स.बादल ने कहा कि अब जब बिजली उत्पादन की तरफ राज्य के बड़ा कदम उठाया है तो हमारा अगला लक्ष्य बिजली सुधारों की तरफ है, जिस तहत ट्रांसमिशन लास 20.12 प्रतिशत से घटाकर 16.72 प्रतिशत तक लाए गए हैं जोकि आगे 2015-16 तक 15 प्रतिशत तक लाएं जाएंगे।
इस अवसर पर उनके साथ ऊर्जा विभाग के सचिव अनिरूद्ध तिवाड़ी, पावरकॉम के चेयरमैन के.डी.चौधरी के अतिरिक्त अन्य उच्च अधिकारी भी उपस्थित थे।