चंडीगढ : पंजाब सरकार ने राज्य में क र एकत्र करने की विधि को सरल बनाने के लिए राज्य में सिंगल स्टेज कर प्रक्रिया को लागू करने का फैसला किया है ताकि लाखों छोटे व्यापारियों/ प्रचून व्यपारियों को राहत मिल सके।
यह फैसला आज यहां पंजाब के उप मुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने 14 नवंबर को घोषित की जा रही नई व्यापारिक नीति की रूप रेखा संबंधी विचार विमर्श के लिए एकत्र मंत्री साहिबानों और भाजपा के सीनियर नेताओं के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए लिया।
विचार विमर्श के पश्चात यह फैसला किया गया कि सिंगल स्टेज कर प्रक्रिया सभी करियाणा वस्तुओं पर, टैलीविज़न, फ्रिज, दवाईयों, ब्रांडिड शूज पर लागू होगी और अन्य ब्रांडिड वस्तुए भी इसके घेरे में पड़ाववार ली जायेंगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल स्टेज कर प्रक्रिया पहली दिसंबर से लागू की जायेगी।
भाजपा प्रतिनिधि जिनमें उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल, वन मंत्री चुन्नी लाल भगत, तीक्षण सूद पूर्व मंत्री और राजनीतिक सलाहकार/ मुख्यमंत्री पंजाब, पूर्व चेयरमैन पंजाब व्यापारी बोर्ड निरोत्तम रत्ती और अन्यों ने इस फैसले की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे लाखों व्यापारी इंस्पैक्टर राज से मुक्त होंगे और किताबी हिसाब किताब से भी उनको राहत मिलेगी। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 200 व्यापारियों को व्यापारिक नीति घोषित करते समय अधिक से अधिक कर अदा करने स्वरूप सम्मान्नित किया जायेगा। नई नीति अनुसार व्यापारियों को आवश्यक हर प्रकार की स्वीकृति का कार्य ऑन लाईन होगा जिस कारण उनको अदायगी और बिक्री कर संबंधी सरकारी कार्यालयो के चक्कर नही लगाने पड़ेगे। उन्होंने आगे कहा कि सरकार द्वारा इंस्पैक्टरी राज खत्म करने का बल्यू प्रिंट तैयार किया जा रहा है और 6 महीने के भीतर इसको पूरी तरह समाप्त किया जायेगा। यह व्यापारिक नीति कर ढांचे को भी सरल बनायेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग ढाई लाख व्यापारी हैं जिनमें से कुछ ही नियमों की पालना करते हैं। देखने में आया है कि केवल 900 व्यापारियों ने एक वर्ष में वैट के तौर पर 1 करोड़ रुपये से अधिक राशि जमा करवाई गई है।