चंडीगढ़ : भारत सरकार ने और पिछड़ी श्रेणीयों/पिछड़ी श्रेणीयों के आरक्षण के दायरे में से सामाजिक तौर पर उन्नत व्यक्तियों को बाहर रखने के लिए आय सीमा के मापदंडों में संशोधन किया है। इस संशोधन अनुसार अब पिछड़ी श्रेणीयों /और पिछड़ी श्रेणीयों के 6 लाख से अधिक की आय वाले परिवारों के बच्चों को आरक्षण की सीमा से बाहर कर दिया गया है। इस अनुसार अब वह आरक्षण के लाभ लेने के हकदार नही होंगे। पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इन श्रेणीयों के व्यक्तियों के पुत्र और पुत्रियों जिनकी लगातार तीन वर्षो तक कुल वार्षिक आय 4.5 लाख रुपये या इससे अधिक है, वह सामाजिक तौर उन्नत (क्रीमीलेयर) के दायरे में आते हैं और अन्य पिछड़ी श्रेणीयों/पिछड़ी श्रेणीयों को आरक्षण के मिलने वाले लाभों के हकदार नही होंगे। उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार से प्राप्त हुये पत्र अनुसार अन्य पिछड़ी श्रेणीयों/पिछड़ी श्रेणीयों के लिए सामाजिक तौर पर उन्नत व्यक्तियों के लिए निर्धारित आय सीमा 4.5 लाख रुपये से बढ़ाकर वार्षिक 6 लाख रुपये करने का फैसला किया गया है।