चण्डीगढ़ : चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसुधान मंत्री अनिल जोशी ने विभाग के अधिकारियों और मैडिकल शिक्षा विशेषज्ञों को हैल्थ केयर सैक्टर में व्यवसायिक मुखी विकास पर बल देने का आहवान किया है। आज यहां जारी प्रैस बयान में उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इस क्षेत्र में आधुनिक समय की जरूरत अनुसार नए डिप्लोमा कोर्स आरम्भ किये जाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं। जिससे राज्य के नवयुवकों को अधिक से अधिक नौकरियों के साधन मुहैया हो सकेंगें। उन्होंने भरोसा व्यक्त किया कि मैडिकल संस्थाएं इस आवश्यक विषय को संजीदगी से लेंगी और अपने अपने संस्थानों में ऐसे नए इनोवेटिव कोर्स आरम्भ करेंगी।
जोशी ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार अधिक से अधिक नवयुवकों को रोजगार मुहैया करवाने के साथ साथ स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए भी वचनबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मैडिकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग को ओर मजबूत करवाने के लिए मंत्री मण्डल ने सरकारी मैडिकल कालेज अमृतसर और पटियाला में जूनियर/सीनियर रैजीडैंट, प्रोफैसर, सहायक प्रोफैसर आदि की 665 रिक्तियों की रचना की मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि इन रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया शीघ्र आरम्भ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि यह सभी रिक्तियां मैडिकल कौंसिल ऑफ इण्डिया के नियमों अनुसार और अन्य समय समय पर जारी किये गये निर्देशों अनुसार ही भरी जाएंगी।
जोशी ने कहा कि विभाग को राज्य में अमृतसर और पटियाला के सरकारी मैडिकल कालेजों में सुपर स्पैसलिटी विभाग बनाने और आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाने के लिए निर्देश दिये गये हैं और अस्पतालों में काम की गुणवत्ता, रोगियों को बेहतर सुविधाएं, स्वच्छता और शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए जोर दिया। चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ने विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने, स्वच्छता का पूरा ध्यान रखने और अपनी डियूटी पूरी ईमानदारी तनदेही और अनुशासन में रहकर करने की अपील की ताकि आम लोगों का सरकारी अस्पतालों में भरोसा पैदा हो सकें।