होशियारपुर में पीएचडीसीसीआई ने किया सेमिनार का आयोजन
होशियारपुर। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के सहयोग से पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री की तरफ से आयोजित उद्यमी जागरूकता शिविर के दौरान एससी/एसटी उद्यमियों को एमएसएमई मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में बताया गया।
कार्यक्रम के उदघाटन अवसर पर बोलते हुए पीएचडीसीसीआई की सीनियर रीजनल डायरेक्टर सुश्री भारती सूद ने जागरूकता, क्षमता निर्माण और सरकारी सहायता प्रणालियों तक पहुंच के माध्यम से एससी/एसटी उद्यमियों को सशक्त बनाने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने एमएसएमई के लिए अधिक अवसर पैदा करने और पूरे क्षेत्र में समावेशी और टिकाऊ उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई मंत्रालय और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करने की पीएचडीसीसीआई की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
प्रतिभागियों को एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं, उद्यम रजिस्ट्रेशन के ज़रिए उद्यमों को औपचारिक बनाने के फ़ायदों, वेंडर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रियाओं, ज़रूरी दस्तावेज़ों, खरीद के मौकों, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस,ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।
लुधियाना में नेशनल एससी/एसटी हब के ब्रांच इंचार्ज सूर्य भूषण ने उद्यमियों को भारत सरकार की सार्वजनिक खरीद नीति के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस नीति के तहत एससी/एसटी के स्वामित्व वाले लघु उद्योगों से 4 प्रतिशत और महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों से 3 प्रतिशत खरीद अनिवार्य है। उन्होंने इन वर्गों के उद्यमियों के लिए उपलब्ध महत्वपूर्ण अवसरों पर जोर दिया।
कार्यक्रम में जेम-चंडीगढ़ के सीनियर ट्रेनर दीपक शर्मा, बीबीएमबी-तलवाड़ा के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गौरव लांबा, बीबीएमबी-तलवाड़ा के मैकेनिकल डिवीजन में एसडीओ (ट्रांसपोर्टेशन)ज्ञानेंद्र कुमार, बीएचईएल-गोइंदवाल के डिप्टी मैनेजर (कॉन्ट्रैक्ट्स) सिमरन सिंह,एफसीआई-होशियारपुर के डिविजनल मैनेजर नवीन नेगी, आरएफसी-कपूरथला के असिस्टेंट मैनेजर रमन जैन, एमएसएमई लुधियाना के सहायक निदेशक दीपक चेची समेत कई गणमान्य मौजूद थे।