अकाली सरकार ने बनाए थे नए स्कूल, कांग्रेस ने स्मार्ट स्कूल तो आप ने स्कूल ऑफ एमीनेंस के बोर्ड लगाए
पंजाब के स्कूलों में न कमरे, न शौचालय, न खेल सुविधाएं
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज एवं पूर्व विधायक अरविंद खन्ना ने पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के शिक्षा मॉडल को पूरी तरह से फेल करार देते हुए कहा है कि कांग्रेस की राह पर चलते हुए पिछले चार वर्षों के दौरान स्कूलों में केवल बोर्ड बदले गए हैं। जिन स्कूलों को अकाली दल की सरकार ने बनाया उन स्कूलों में पहले कांग्रेस ने स्मार्ट स्कूल के बोर्ड लगाए और अब स्कूल ऑफ एमिनेंस के बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
आज यहां जारी बयान में अरविंद खन्ना ने कहा कि अकाली दल सरकार के समय में कुल 55 हजार 672 करोड़ रुपये खर्च किए गए। अकाली दल की सरकार के कार्यकाल के दौरान पंजाब 13 नए विश्वविद्यालय, 30 नए कालेज, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, आईआईटी, 297 स्किल सेंटर, 10 मेरिटोरियस स्कूल, माई भागो अकादमी, महाराजा रणजीत सिंह अकादमी बनी, दलित बच्चों को स्कॉलरशिप, 4 लाख 82 हजार बच्चों को साइकिल, 146 ब्लाक में आदर्श स्कूल खोलने के अलावा 80 हजार अध्यापकों की भर्ती की गई। अकाली दल की सरकार के समय में 27 विद्यार्थियों पर एक अध्यापक था और आज 47 विद्यार्थियों पर एक अध्यापक है। पंजाब में सेवानिवृत्ति के बाद नए अध्यापकों की भर्ती नहीं की जा रही है।
खन्ना ने कहा कि प्रदेश में 2431 स्कूल ऐसे हैं जहां 76 हजार बच्चों पर एक-एक अध्यापक है। वर्ष 2024 25 में 80 हजार बच्चे सरकारी स्कूलों को छोड़ चुके हैं। पिछले नौ वर्षों के भीतर न तो न स्कूल, बनाए गए हैं और न ही स्कूलों में कमरे, शौचालय, बुनियादी ढांचा मजबूत किया गया है। पंजाब में 44 प्रतिशत सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऐसे हैं जहां प्रिंसिपल नहीं हैं। 50 प्रतिशत एलीमेंट्री स्कूलों में मुख्य अध्यापक नहीं हैं। इसके बावजूद आप सरकार लोगों को झूठे बोर्ड लगाकर गुमराह कर रही है।