लम्बी/श्री मुक्तसर साहिब - केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय देहाती स्वास्थ्य मिशन तहत 108 एम्बुलैंस सेवा के लिए दिये जाते केन्द्रीय फंड फोटो का बहाना बनाकर रोके जाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने आज कहा कि देशभर में अपने नेताओं के नाम के केन्द्र स्कीमें लागू करने वाली कांग्रेस के नेतृत्व वाली केन्द्र की यूपीए सरकार ने ऐसा करके अपनी संकीर्ण सोच का ही प्रगटावा किया है क्योंकि केन्द्र सरकार ऐसी स्कीमें राज्यों से उगराहे जाते फंडों से ही लागू करती है।
आज लम्बी विधान सभा क्षेत्र के दौरे से अपना राज्य भर के बाढ़ प्रभवित क्षेत्रों का दौरे के अन्तिम दिन गांव आलम वाला में मुख्यमंत्री ने पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा लोगों को गुणात्मक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने और विशेष कर एम्बुलैंस जैसी हंगामी सेवा उपलब्ध करवाने के लिए फंड बंद कर देने आगामी चुनाव परिणामों सम्बन्धी उसकी असुरक्षा की भावना को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस एम्बुलैंस सेवा के लिए राज्य सरकार का पहले ही योगदान डाल रही है परन्तु केन्द्र सरकार द्वारा लोगों की भलाई सोचने की बजाए अपनी संकीर्ण राजनीतिक हितों की खातिर फंड बंद कर देने समझ से परे का कदम है। क्योंकि राज्यों में भी कांग्रेसी नेताओं के नामों वाली अनेकों केन्द्रीय स्कीमें चल रही हैं।
बाढ़ पीडि़तों के लिए अभी तक केंद्र सरकार द्वारा कोई राहत ना दिये जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को लोगों से कोई हमदर्दी नही और सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा सोनिया गांधी और राहुल गांधी को तो सेम जैसी गंभीर समस्याओं का कोई ईलम भी नही होगा। स. बादल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को मिलकर राहत राशि में बढ़ौतरी करने और सेम की समस्या के स्थाई हल के लिए विशेष प्रोजेक्ट शीघ्र अति शीघ्र आरंभ करने संबंधी अपील कर चुके हैं परंतु इस संबंधी अभी तक केंद्र सरकार के समर्थन का इंतजार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से यह भी मांग की गई है कि राहत राशि देने वाले नियमों में ढील दी जाये ताकि राज्य सरकार अपने स्तर पर भी लोगों की अधिक से अधिक सहायता कर सके क्योंकि मौजूदा नियमों अनुसार दी जाती राहत राशि इतनी कम है कि फसल के लिए किये खर्चे तक की भी वापसी नही होती। उन्होंने कहा कि सेम की समस्या को राष्ट्रीय प्रोजेक्ट घोषित कर इसके स्थाई हल के लिए प्रोजेक्ट शीघ्र अति शीघ्र आरंभ किये जायें ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से छुटकारा मिल सके। विधानसभा में विरोधी पक्ष के नेता के बयान पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने सुनील कुमार जाखड़ को चुनौती देते हुए कहा कि वह केंन्द्र सरकार से नियमों में नर्मी की चिठ्ठी लेकर आयें तो पंजाब सरकार अधिक मुआवजा राशि देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ राहतों के लिए जारी फंडों की तरह यदि बाढ़ रोकथाम प्रबंधों के लिए भी फंड केंद्र सरकार जारी करे तो आगामी प्रबंध कर बाढ़ों को आने से रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों से उगराहे करों में से बहुत कम राशि राज्यों को देती है और राज्यों को वित्तीय स्वायत्ता से देश को देश की तरक्की से तरक्की की नई राहों पर चलाया जा सकता है।
पूर्व डी जी पी जेल श्री शशिकांत द्वारा दिये बयान पर टिप्पणी करते हुए स. बादल ने कहा कि पूर्व डी जी पी जेल उस समय क्यों नही बोले जब वह एक अह्म पद पर तैनात थे और उन्होंने इस अवसर पर कोई कदम क्यों नही उठाया जब वह स्वयं एक सक्षम अधिकारी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व डी जी पी ने सेवा काल के दौरान उनके पास भी कभी ऐसा मसला नही उठाया।
बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लेते हुए ग्रामवासियों को अपने बच्चों को हुनर प्रशिक्षण दिलाने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस उद्धेश्य के लिए आवश्यक प्रशिक्षण केंद्र फौरी तौर पर खोलने के लिए तैयार हैं। इस अवसर पर उन्होंने रत्ताखेड़ा में इस बड़े सिलाई सैंटर खोलने का भी एलान किया जिसमें 100 के लगभग लड़कियों को एक ही समय प्रशिक्षण दिया जायेगा। उन्होंने किसानों को खेती सहायक व्यवसाय अपनाने की सलाह भी दी।
इस अवसर पर बठिंडा से संसद सदस्य बीबी हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि केंद्र की कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा गत् 10 वर्षो से पंजाब से भेदभाव जारी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के सभी राज्यों के मुकाबले सबसे कम केंद्रीय सहायता दी जाती है और यहां तक कि पंजाब को उसका बनता हक भी नही दिया जाता। उन्होंने केंद्र की सरकार को घोटालों की सरकार करार देते हुए कहा कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश की विकास दर 10 प्रतिशत से घटकर 4 प्रतिशत तक सीमित रह गयी है। उन्होंने कहा कि यू पी ए सरकार द्वारा उन राज्यों को ग्रांटे जारी करने में भेदभाव किया जाता है जहां कांग्रेस विरोधी सरकारें हैं। उन्होंने कहा कि यू पी ए सरकार ने हाल ही में हुये संसद के सत्र दौरान वोट बैंक के लिए बिल पास करने में ही पूरा समय लगा दिया जबकि पंजाब में बाढ़ो से हुये नुकसान के मुद्दे को संसद में उठाने के लिए भी पूरा समय नही दिया गया। उन्होंने कहा कि यू पी ए सरकार ने गरीबी की नयी परिभाषा देकर आर्थिक तौर पर कमज़ोर लोगों को बी पी एल कार्ड जारी करने के लिए गत् 10 वर्षो से कोई सर्वेक्षण नही करवाया है जिस कारण गरीब लोग मंहगाई की चक्की में पिस रहें हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने आज केंद्र की ऐसी कमज़ोर नीतियों से गरीबों को बचाने के लिए 2007 में आटा-दाल स्कीम आरंभ की थी और अब इसके लाभपात्रियों की संख्या दौगुणी करके 30 लाख की जा रही है। इस अवसर पर उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि आगामी लोकसभा चुनावों में यू पी ए सरकार को चलता कर शिअद की भागेदारी सरकार केंद्र में लाई जाये ताकि कांग्रेस द्वारा पंजाब से किये जात भेदभाव को समाप्त कर पंजाबियों की मांगे पूरी करने के लिए और राज्य के विकास के लिए केंद्र से अधिक से अधिक केंद्रीय सहायता प्राप्त की जा सके। इसी दौरान गांव श्यामकोट में बीबी हरसिमरत कौर बादल ने नन्हीं छांव प्रोजेक्ट तहत छ: महीने की सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 11 लड़कियों को सिलई मशीनें भी भेंट की।
मुख्यमंत्री ने आज लंबी विधानसभा क्षेत्र के गांव रानीवाला, मीडूखेड़ा, बोधीवाला, रत्ताखेड़ा, आलमवाला, कोलियांवाली, श्यामखेड़ा आदि गांवों का दौरा करके बाढ़ प्रभावित लोगों की मुश्किलें सुनी और मौके पर ही मुश्किलों के हल करने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी करने के साथ-साथ गांवों के विकास के लिए ग्रांटे जारी करने के निर्देश भी जारी किये। इसी दौरान गांवा रानीवाला और मिड्डा में कई कांग्रसी परिवार शिअद में शामिल हो गये। इस अवसर पर अन्य प्रमुख नेताओं और उच्च अधिकारियों के साथ संसद सदस्य स. शेर सिंह घुबाया भी उपस्थित थे।