चंडीगढ़ : पंजाब सरकार द्वारा राज्य में फसली विविधता के तहत एग्रो फॉरेस्ट्री को उत्साहित किया जा रहा है। इस तहत राज्य सरकार द्वारा 1.5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पंजाब के वन एवं वन्य जीव सुरक्षा मंत्री सुरजीत कुमार जिआणी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा धान अधीन रकबा निकाल कर परिवर्तित फसलों अधीन तबदील करने की योजना तैयार की गई है जिस तहत लगभग तीन लाख हैक्टयर रकबे पर एग्रो फॉरेस्ट्री करने की योजना तैयार की गई है। जिआणी ने बताया कि इसलिए विभाग द्वारा कनोनल सफैदा और पापुलर के पौधे किसानों को दिये जायेंगे। यह पौधे शीघ्र विकसित होने के साथ-साथ इन पर कोई खर्च नही आता परंतु किसानों को अच्छी आय होती है। इन पौधों की लकड़ी की बाज़ार में बहुत मांग है। इसके मद्देनज़र विभाग में एग्रो फॉरेस्ट्री के लिए किसानों को यह पौधे देने का चयन किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को लकड़ी की सही कीमत दिलाने के लिए होश्यिारपुर, बलाचोर और लुधियाना में अतिआधुनिक लकड़ी मंडीयां स्थापित की जा रहीं हैं जिनसे एग्रो फॉरेस्ट्री को बहुत बड़ा उत्साह मिलेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने हाल ही में लकड़ी के व्यापार को उत्साहित करने के उद्धेश्य से लक्ड़ी मंडी यार्ड में से खरीदी जाने वाली लकड़ी से देहाती विकास फीस माफ कर दी है। उन्होंने कहा कि किसानों को एग्रो फॉरेस्ट्री के प्रति जागरूक करने के मद्देनज़र गांव स्तर पर समागम भी करवाये जायेंगे। इसके अतिरिक्त किसान स्वयं भी संबंधित जिले के वन विभाग से संपर्क कर पौधे प्राप्त कर सकते हैं।