चंडीगढ़- गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ एजुकेशन, सेक्टर–20 डी, चंडीगढ़ में एक अभिभावक–शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा श्री गणेश स्तुति और सरस्वती श्लोक के साथ किया गया, जिसके बाद कॉलेज एंथम प्रस्तुत किया गया।
कॉलेज की प्राचार्या, डॉ. सपना नंदा ने सभी अभिभावकों का हार्दिक स्वागत किया और कॉलेज के गौरवमयी इतिहास, उपलब्धियों एवं महत्वपूर्ण पड़ावों पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने कॉलेज के विकास एवं उन्नयन में अभिभावकों के सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। डॉ. नंदा ने शिक्षकों और अभिभावकों की सामूहिक जिम्मेदारी पर बल देते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास तथा निरंतर सुधार हेतु खुले संवाद की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
कॉलेज के डीन एवं कार्यक्रम संयोजक, डॉ. ए. के. श्रीवास्तव ने शिक्षकों और अभिभावकों के बीच संवाद का समन्वय किया। उन्होंने इस बैठक के उद्देश्य को एक संवाद और सहयोग के मंच के रूप में रेखांकित किया, जिसका लक्ष्य शिक्षण वातावरण तथा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।
बैठक के दौरान अभिभावकों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक अपने अनुभवों और सुझावों को साझा किया। अनेक अभिभावकों ने यह बताते हुए गर्व अनुभव किया कि वे स्वयं भी इस कॉलेज के पूर्व विद्यार्थी (Alumni) रहे हैं और आज समाज की सेवा विभिन्न सार्थक भूमिकाओं में कर रहे हैं। उनके विचारों में अपने महाविद्यालय के प्रति गहरा लगाव और कृतज्ञता झलक रही थी।
इस अवसर पर शिक्षकों का परिचय भी अभिभावकों से करवाया गया, जिससे पारदर्शिता और पारस्परिक समझ को बढ़ावा मिला।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें मनमोहक गीतों और प्रस्तुतियों ने वातावरण को आनंदमय बना दिया। यह कार्यक्रम डॉ. वंदना अग्रवाल के निर्देशन में संपन्न हुआ।
डॉ. विजय फोगाट ने अभिभावकों को उनके सुझावों हेतु फीडबैक लिंक साझा किया, जिससे संस्थान के संचालन में और सुधार किया जा सके।
कार्यक्रम का समापन डीन, डॉ. ए. के. श्रीवास्तव के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिन्होंने सभी अभिभावकों का सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया और इस सकारात्मक संदेश के साथ कार्यक्रम समाप्त किया कि हमें एक शिक्षित, संवेदनशील एवं उत्तरदायी समाज के रूप में मिलकर आगे बढ़ना है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ। यह अभिभावक–शिक्षक बैठक कॉलेज और अभिभावकों के बीच सुदृढ़ साझेदारी का प्रतीक बनी और इसने कॉलेज की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सामूहिक प्रगति एवं विद्यार्थी कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया।