बब्वेहाली(गुरदासपुर) : पंजाब के राजस्व एवं लोक सम्पर्क मंत्री स. बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुबाराओ द्वारा रूपये की मंदी स्थिति के लिए यूपीए सरकार को प्रत्यक्ष तौर पर दोषी करार करने के बाद कांग्रेस सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह जाता। स. मजीठिया ने राष्ट्रपति को अपील की है कि वह वर्तमान वित्तीय स्थिति को देखते हुए देश में वित्तीय एमरजैंसी लगाने की घोषणा करें। रिजर्व बैंक के गवर्नर द्वारा नन्हीं पलखीवाला मैमोरियल में भाषण दौरान रूपये के लगातार गिरते स्तर के लिए यूपीए सरकार को जिम्मेवार ठहराया है।
आज यहां पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए स. मजीठिया ने कहा कि रिजर्व बैंक एक स्वतंत्र और स्वायत्ता वाली संस्था है और बैंक के गवर्नर द्वारा की गई टिप्पणियां यह दर्शाती है कि कैसे वित्त मंत्री द्वारा उसकी स्वायत्ता को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त टाटा ग्रुप के भूतपूर्व चेयरमैन रत्न टाटा द्वारा भी रूपये की कीमत लगातार गिरने से रोकने में असफल रहने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय निवेशक देश की अर्थव्यवस्था में भरोसा खो चुके हैं जिसका खामियाजा राज्य भी भुगत रहे हैं।
स. मजीठिया ने कहा कि ज्यादा अर्थशास्त्रियों वाली यूपीए सरकार ने देश में निराशा पैदा कर दी है क्योंकि उसकी नीतियां आम आदमी की जगह कांग्रेस प्रधान सोनिया गांधी का समर्थन करती हैं। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता वाली एनडीए सरकार के समय देश की विकास दर 4.6 प्रतिशत से 8 प्रतिशत हो गई थी जबकि विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री की अध्यक्षता वाली सरकार ने इसको तीन प्रतिशत तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि पहले तो अत्याधिक मंहगाई ने लोगों की कमर तोड़ कर रख दी और अब शेष कसर रूपये की स्थिति ने पूरी कर दी है। जिससे देश की अर्थव्यवस्था तहस नहस हो गई है। उन्होंने पंजाब कांग्रेस के प्रधान स.प्रताप सिंह बाजवा और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री मनीष तिवाड़ी को चुनौति दी कि वह अब केन्द्र में वित्तीय एमरजैंसी लगाने की मांग करने की हिम्मत दिखाएं।