चण्डीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने सूदखोरों के हाथों किसानों और खेत मजदूरों को बचाने के लिए पंजाब इंडैबटडनैस एक्ट तैयार करने के लिए राह मजबूत करने हेतू केबिनेट सबकमेटी गठित करने का निणर््ाय किया है जोकि पिछले लम्बे समय से लागू करने के लिए लम्बित पड़ा है।
यह निर्णय है स. बादल ने आज सांय पंजाब भवन में भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक दौरान लिया जो अपने राज्य प्रधान श्री अजमेर सिंह लख्खोवाल के अध्यक्षता में उनको मिलने आया था।
मुख्यमंत्री ने वितीय आयुक्त राजस्व अगली केबिनेट बैठक में विचार विमर्श के लिए रखे जाने वाले प्रारूप बिल के साथ केबिनेट सब कमेटी रूप रेखा संबधी एक व्यापक प्रस्ताव बनाने के लिए कहा है।
किसानों को सीधे भुगतान के मामले पर मुख्यमंत्री ने किसानों को उनके उत्पादन का सीधा भुगतान करने के संबध में मीडिया द्वारा इश्तिहार बाजी करके जागरूकता लाने के लिए वित आयुक्त विकास को कहा है। उन्होने यह इच्छा भी प्रकट की कि मंडीकरण के वर्तमान खरीफ के मौसम दौरान सीधे भुगतान के मामले के अनुभव के मध्यनजर 45 दिनो के नोटिस समय का भी जायजा लिया जाए ।
यूनियन की एक अन्य मांग को स्वीकृत करते हुये स. बादल ने यह इच्छा भी प्रकट की कि पंजाब सिक्योरटीज आफ लैंड एक्ट 1953 में भी उचित ढंग से संशोधन किया जाए ताकि भारत सरकार के कृषि लागतों और कीमतों संबधी आयोग द्वारा न्यूनतम समर्थन निर्धारित करने के लिए फसलों की कृषि लागत को तय करते समय जमीन के पटटे संबधी चालू मार्किट दरें भी प्रतिबिम्बत हो।
मुख्यमंत्री ने प्रतिनितिमंडल को आश्वासन दिलाया कि वह पंजाब के किसानों को राजस्थान,गुजरात,हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर जैसे राज्यों में कृषि वाली जमीन खरीदने के लिए आज्ञा देने संबधी केन्द्र के पास फिर शीघ्र ही यह मामला उठाएगें क्योकि ऐसी जायदाद खरीदने के लिए बाहर वाले लोगों पर पांबदी है। उन्होने वित आयुक्त विकास को अंर्तराज्य कौसिंल के पास भेजने के लिए इस संबधी एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा है।
राज्य में वर्षा के पानी की संभाल को प्रचारित करने के लिए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सरकारी ईमारतें विशेषकर शिक्षा और तकनीकी संस्थाओ मे जरूरी बनाया जाना चाहिए। चीफ इंजीनियर नहरों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य सिंचाई विभाग ने पहले ही भू जल का स्तर उंचा लाने के लिए पहले ही भारत सरकार के पास 3769 करोड़ का विस्तृत प्रोजैक्ट भेजा है जिस संबध में स. बादल ने पहले ही भारत सरकार के योजना आयोग के समक्ष उठाया है और इस संबध में पंजाब को यकमुश्त ग्रांट देने के लिए कहा है ताकि धरती के नीचे पानी के निम्र स्तर तक जाने की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटाया जा सके। तकनीकी स्वीकृति के लिए यह प्रोजैक्ट भारत सरकार के केन्द्रीय जल आयोग के समक्ष पड़ा है।
कृषि विभिंनता कार्यक्रम को प्रोत्साहन देने के लिए देने के लिए बासमती के यकीनी मंडीकरण का आश्वासन दिलाते हुये स. बादल ने कहा कि वह भारत सरकार के कृषि मंत्रालय पर इस संबध में जोर डालेगें और वह बासमती का उचित मूल्य दिलाने और यकीनन मंडीकरण के लिए एक नोडल एंजेसी मनोनीत करने के लिए कहेगें।
स. बादल ने कहा कि उन्होने पहले ही सीवरेज ट्रीटमैंट प्लाट स्थापित करके औद्यौगिक व्यर्थ और शहरों के सीवरेज से सतलुज, रावी और ब्यास के साथ दरियाओं के पानी की संभाल संबधी कार्यक्रम में घग्गर दरिया और लसाड़ा ड्रेन को भी लाने के आदेश दे दिये है।
मुख्यमंत्री ने पावरकाम के चेयरमैन टेैस्ट रिपोर्ट करने के 90 दिनों के भीतर किसानों को एपी कुनैक्षन जारी करने को यकीनी बनाने के लिए कहा है इसी प्रकार ही उन्होने ओ वाई टी योजना अधीन और जनरल कुनैक्षन नीति के अनुसार तेजी से कुनैक्षन जारी करने के लिए कहा है। उन्होने चेयरमैन को किसानो को सुविधाए प्रदान करने के लिए टयूबवैल कुनैक्षन जारी करने हेतू राशि जमा करवाने की समय सीमा 31 अगस्त 2013 से बढ़ाकर 13 नवंबर 2013 तक करने के निर्देश दिये है।
बैठक में प्रमुख व्यक्तियों में वित आयुक्त विकास श्री एन एस कंग, वित आयुक्त विकास श्री सुरेश कुमार, प्रमुख सचिव सिंचाई श्री सरवेश कौशल, मुख्यमंत्री के विशेष प्रमुख सचिव श्री गगनदीप सिंह बराड़ ,सचिव खादय एवं सिविल आपूर्ति श्री डी एस ग्रेवाल ,सचिव मंडी बोर्ड श्री दीपइंद्र सिंह ,एमडी मार्कफैड श्री के एस सरां,रजिस्ट्रार सहरकारी सेवाए श्री ए एस मिगलानी , कृषि आयुक्त डा. बी एस सिद्धू,चेयरमैन पावरकाम श्री केडी चौधरी और मुख्य इंजीनियर नहरे श्री ए एस दुलट शामिल थे।