चण्डीगढ़ : बठिंडा से लोक सभा सदस्य बीबी हरसिमरत कौर बादल ने कांग्रेस की अगुवाई वाली यू पी ए सरकार को अपील की है कि वह भूख पर राजनीति करनी बंद करे और पहले महंगाई पर काबू पाएं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार पंजाब की आटा-दाल स्कीम से सबक सीखें जिस द्वारा 15 लाख से भी अधिक परिवारों को सम्पूर्ण आहार के रूप में आटे के साथ-साथ दालें भी दी जाती हैं ताकि उनकी पोषण संबंधी सभी जरूरतें पूरी हो जाएं। खाद्य सुरक्षा बिल संबंधी आज लोक सभा में बोलते उन्होंने कहा कि यू पी ए सरकार को राष्ट्रीय निर्माण की ओर घ्यान केन्द्रित करना चाहिए और जितना पैसा खाद्य सुरक्षा बिल पर खर्चा जा रहा है उतना ही पैसा हुनर विकास के लिए प्रदान किया जाना चाहिए।
केन्द्र सरकार की हर मुकाम पर नाकामयाबी की बात करते ह़ुए बीबी बादल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा बिल निराशा के आलम में घिरी हुई केन्द्र सरकार द्वारा वोटें प्राप्त करने का एक जरिया है व यह सरकार पहले ही सिर से पैरों तक भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मंहगाई ओर अधिक बढऩे की संभावना है और देश डूबने की स्थिति में पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे आलम में विदेशी भारतीय भी देश में निवेश नहीं करना चाहेंगे।
खादय सुरक्षा बिल के प्रत्येक नुकते संबधी बोलते हुये उन्होने कहा कि केन्द्र सरकार ऐसे बिल को किस प्रकार सही ठहरा सकती है जिसके द्वारा ना तो प्रोटीन मिलेगें और ना ही विटामिन। इसके साथ ही उन्होने यह प्रश्र भी किया कि यूपीए सरकार ने यह किस आधार पर निश्चित कर लिया कि एक बालग का एक महीने में पांच किलो गेहूं या चावलों से गुजारा हो जाएगा जबकि विश्व स्वास्थ्य संस्था और इंडियन कौसिंल फार मेडीकल रिसर्च ने यह दर 10 से 14 किलो प्रति माह निश्चित की है। उन्होने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर क रते हुये कहा कि केन्द्र सरकार की यह कितनी बड़ी नाकामयाबी है जब आज प्याज 80 रूपये किलो और दाले 100 रूपये किलो बिक रही है। उन्होने कहा कि यह बिल लाकर केन्द्र सरकार यह तैयारी कर रही है देश की 70 प्रतिशत आबादी अब केवल सूखी रोटियों के सहारे जिंदगी का गुजारा करे क्योकि खाने वाली सभी वस्तुओं के मूल्य पर केन्द्र सरकार का कोई नियंत्रण नही है?या फिर वोटो से ठीक पहले इस बिल द्वारा पूरी तरह असफल हो चुकी कांग्रेस सरकार वोटरो का भ्रमाने के चक्कर में है।
बीबी बादल ने सीधे रूप में अकाली भाजपा सरकार की बात करते हुये कहा कि 2007 में पंजाब की सत्ता संभालते ही आटा दाल स्कीम की शुरूवात की गई थी जिसके द्वारा रियायती दरों पर महीेने की 25 किलो गेहूें और ढाई किलो उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होने कहा कि यह स्कीम इतनी ज्यादा कामयाब है कि पंजाब की नकल करते हुये पिछले सप्ताह हरियाणा ने भी दाल रोटी स्कीम शुरू की है। उन्होने कहा कि इस स्कीम की बदौलत वर्ष 2005 में योजना आयोग के आकडों अनुसार राज्य की गरीबी दर 20.9 प्रतिशत थी जोकि 2012 में घटकर 8.26 रह गई है।
बीबी बादल ने चुनौती देते हुये केन्द्र सरकार को कहा कि सरकार इस केन्द्रीय योजना में संशोधन करके दालों और आटा शामिल करके ईमानदारी का प्रमाण दे। उन्होने कहा कि यदि सरकारी ऐसा नही कर सकती तो पोषण सुरक्षा संबधी कही सभी बाते झूठी है और यह केवल और केवल चुनावी सटंट हेै।
बठिंडा से लोक सभा सदस्य ने कहा कि भारी रियायती कीमतों पर आटा देने से लघु और मध्यम किसानों को कोई लाभ नही मिलेगा जिसके परिणाम के रूप में उत्पादन घटने की संभावना होगी और मांग ज्यादा होगी यह व्यवहार और मंहगाई को निमंत्रण देगा। उन्होने बिल की मंद आठ को भी खत्म करने की मांग की जिसके द्वारा खादय सुरक्षा भत्ता उपलब्ध करवाया जाएगा उन्होने कहा कि यदि यह लागू हो जाता है तो इस से जनतक वितरण सिस्टम को भारी ठेस पहुंचेगी।