चंडीगढ़ : लोक सभा सदस्य व नन्ही छांव मुहिम की संरक्षक बीबी हरसिमरत कौर बादल ने राखी के अवसर पर पंजाब वासियों को बधाई देते हुए लड़कियों एवं वृक्षों को बचाने की भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि हमारी समृद्ध सभ्याचार व रिवायत अनुसार हम बहिन-भाई के आपसी रिश्ते की मज़बूती व प्यार के लिए राखी का त्यौहार मनाते हैं, बहिन अपने भाई के कलाई पर राखी सजाती है और इसके बदले भाई अपने बहिन की सुरक्षा यकीनी बनाता है। उनहोंने कहा कि प्राचीन समय में लोग वृक्षों के इर्द-गिर्द राखी नुमा धागा बांधा करते थे, जोकि मानवीय जीवन में वृक्षों की महत्ता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि आओ इस राखी के अवसर पर हम केवल अपनी बहनों की रक्षा ही नहीं बल्कि वातावरण की रक्षा का भी प्रण लें। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय वृक्षों की कई पुरातन किस्में समाज की अनदेखी व देखरदेख ना करने के कारण भारी खतरे में हैं।
बीबी बादल ने कहा कि यह त्यौहार हमें समाज में फैली भ्रूण हत्या जैसी कुरीति को मिटाने का आह्वान भी करता है। उन्होंने कहा कि नन्ही छांव अभियान पहले ही पंजाब में भ्रूण हत्या विरूद्ध सफलता से चल रहा है और इसकी बदौलत राज्य में लड़कियों की दर में साकारात्मक बढ़ौतरी हुई है। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त साक्षरता दर में भी बढ़ौतरी दर्ज की गई है। इस संबंधी उन्होंने भारत सरकार के जनगणना विभाग द्वारा गत् दिवस जारी आंकडें का जिक्र करते हुए बताया कि पंजाब में साक्षरता दर में 6.1 प्रतिशत बढ़ौतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्ीय औसतन साक्षरता दर 73 प्रतिशत के मुकाबले पंजाब में यही दर 75.8 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि लडक़ों और लड़कियों की साक्षरता दर के बीच 2001 में जो दरार 11.8 प्रतिशत थी वह 2011 में घटकर 9.7 प्रतिशत रह गया है।
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार की कल्याण स्कीमें माईं भागो विद्या स्कीम, उच्च शिक्षा में अकेली लडक़ी के लिए आरक्षण, नि:शुल्क शिक्षा, शगुन स्कीम, बेबे नानकी लाड़ली बेटी कल्याण स्कीम और माता कौशल्य कल्याण स्कीम जैसी कल्याण स्कीमों की बदौलत राज्य के सबसे पिछड़े जिले होशियारपुर में भी साक्षरता दर 84 .6 प्रतिशत दर्ज की गई है जोकि पंजाब के सभी जिलों में सबसे अधिक है।
नन्ही छांव अभियान में आम लोगों के योगदान की प्रशंसा करते हुए संसद सदस्य ने कहा कि इस प्रभावशाली अभियान के आरंभ होने से पंजाब में लिंग अनुपात (0-6) में सुधार हुआ है। श्रीमती बादल ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में 1.5 लाख छात्राओं को साइकिल प्रदान करने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इस उद्धेश्य के तहत 47 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लड़कियों को उच्च शिक्षा देने के लिए प्रेरित करने हेतू विशेष ध्यान दिया जा रहा है और इस उद्धेश्य तहत विभिन्न छात्रवृति स्कीमें आरंभ की गई है।
इन कल्याण स्कीमों संबंधी जानकारी देते हुए बीबी बादल ने बताया कि बेबे नानकी लाड़ली बेटी कल्याण स्कीम तहत लडक़ी के जन्म के अवसर पर उसके नाम पर 15 हज़ार रूपए जमा करवाए जाते हैं। इसी प्रकार माई भागो विद्या स्कीम तहत सरकारी स्कूलों की नौवीं से बारहवीं श्रेणी तक की छात्राओं को साइकिल मुहैया करवाए जाते हैं और माता-कौशल्य कल्याण स्कीम तहत सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं को शिशु जन्म पर वित्तीय सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों की लड़कियों को शादी के अवसर पर शगुन के तौर पर 15 हज़ार रूपए शगुन स्कीम तहत दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने सभी बहुतकनीकी, आई टी आइज़ और इंजीनियरिंग कालेजों में अकेली बेटी के लिए एक प्रतिशत आरक्षण रखा है और इसके अतिरिक्त बारहवीं श्रेणी तक लड़कियों को नि:शुल्क शिक्षा भी सरकारी स्कूलों में मुहैया करवाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि रक्षा का त्यौहार एक पारिवारिक दायरे में मनाने की जगह इसको सामाजिक स्तर पर मनाया जाना चाहिए और वातावरण की शुद्धता के लिए भी प्रयास करने चाहिए। लोक सभा सदस्य ने कहा कि बदले समयानुसार हर किसी को लड़कियों एवं पेड़ों की सुरक्षा के रूप में राखी का त्यौहार मनाने का प्रण लेना चाहिए। उन्होंने अपील की कि रक्षा बंधन के अवसर पर प्रत्येक को पेड़ और कोख को बचाने के लिए सार्थक प्रयास करने चाहिए।