चण्डीगढ़ : पंजाब सरकार ने राज्य में उच्च स्तर पर ईको टूरिज्म को उत्साहित करने की योजना तेयार की है इस संबधी वन और वन्य जीव सुरक्षा विभाग के साथ विचार विमर्श के पश्चात इस उदेश्य के लिए विभिंन स्थानों का चयन कर लिया जाएगा।
इस संबधी अत्याधिक जानकारी देते हुये पर्यटन मंत्री सरवण सिंह फिल्लौर ने बताया कि इस उदेश्य की पूर्ति के लिए चेतना फैलाकर प्राकृतिक साधनों की सुरक्षा,पर्यटन की गतिविधियों और साधनों की विभिंनता व स्थानीय लोगों की शमुलियत से पर्यटन के विकास को मुख्य लक्ष्य बनाया गया है। उन्होने कहा कि ईको टूरिज्म का लक्ष्य आम लोगों को संबधित सरकारी विभागों के साथ मिलकर इस के विकास के लिए ऐसी योजना तैयार करना है जिससे सामाजिक और आर्थिक स्तर पर राज्य को लाभ हो।
उन्होने यह भी बताया कि ईको टूरिज्म के लिए कई स्थानों का चयन भी कर लिया गया है और पार्को व अन्य सैर वाले कुछ स्थान भी लिए गये है। उन्होने कहा कि ऐसे विभिंन स्थानों पर रिहायश,सहायता व सूचना केन्द्र, ट्रैकिंग रूटों , एडवैंचर खेलों व अन्य साजो सामान के लिए विकास कार्य और पहलकदमियां आंरभ की गई है ऐसे क ई स्थानों की निशानदेही वन और वन्य जीव रक्षा विभाग द्वारा कर ली गई है
पर्यटन मंत्री ने बताया कि गुरदासपुर जिले के केशोपुर जलगाह को सरकार द्वारा पर्यटन के लिए विकसित किया जा रहा है 850 एकड में फैली इस जगह पर साईबेरिया और केन्द्रीय एशिया से बहुत खुबसूरत प्रवासी पक्षी आते है उन्होने कहा कि केशोपुर को ईको टूरिज्म के रूप में और निखारा जाएगा व यहां बुनियादी ढांचे , बर्ड सेंचरी व सैलानियों के लिए अन्य सुविधाओं सहित केशोपुर की कायाकल्प के लिए समूह सुविधाए प्रदान की जाएगी उन्होने कहा कि ईको टूरिज्म के विकास के लिए राज्य की ऐसी अन्य उचित स्थान भी ढूढी जाएगी जो अभी भी लोगों की नजर में नही आई उन्होने कहा कि केशापुर जलगाह की कायाकल्प के लिए वन विभाग द्वारा अप्रैल 2013 में पडाव अनुसार प्रोजैक्ट शुरू किया जा चुका है जो कि वर्ष 2016 तक पूरा होगा।