चंडीगढ़ : पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज पंजाब विटीकल्चर काउंसिल /अंगूर प्रौसेसिंग संस्थान/ के मुखिया कार्यकारी अधिकारी / सी ई ओ/ बी एस चिमनी विरूद्ध गैर कानूनी ढंग के साथ चार करोड़ रूपए की दुर्रपयोग करने के दोष तहत मुकद्धमा दर्ज किया है। आज यहां यह जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के मुख्य निदेशक कम डी जी पी पंजाब श्री सुरेश अरोड़ा ने बताया कि श्री चिमनी ने फंडों की दुर्रपयोग संबंधी समर्थ अॅथारिटी, प्राजैक्ट प्रवानकत्र्ता बोर्ड की स्वीकृति के बिना ही चार करोड़ रूपए दूसरी निगम पंजाब सिस्टम काउंसिल फॉर एग्री- जूसिंग को बदल कर खर्च किए जिस कारण सरकार की सिफारिश पर विजीलैंस ब्यूरो द्वारा थाना मोहाली में भारतीय दंडावली की धारा 409 और भ्रष्टाचार रोकू कानून-1988 की धारा 13 /1 और 13 /2/ तहत मुकद्धमा न: 8 दर्ज करके मामले की ओर पड़ताल जारी है।
उन्होंने विवरण सहित बताया कि 27-11-2006 को राज्य सरकार के प्राजैक्टर प्रवाणकत्र्ता बोर्ड ने राज्य में अंगूरों के उत्पादन की प्रौसेसिंग के लिए चार करोड़ रूपए की लागत के साथ एक शराब का छोटा कारखाना लगाने की योजना को मंजूरी दी थी। शुरू में यह चार करोड़ पंजाब एग्रो इंडस्ट्ीज़ कार्पोरेशन लिमिटड द्वारा खर्चे जाने थे क्योंकि इस प्राजैक्ट की स्थापना के लिए गठित की गई पंजाब विटीकल्चर काउंसिल ने केन्द्रीय संस्थान, राष्ट्ीय बागवानी मिशन योजना तहत केन्द्रीय फंडों के लिए प्रयत्न करना था। उस समय यह भी तय हुआ था कि बागवानी मिशन से फंड मिलने पर यह चार करोड़ रूपए की एग्रो इंडस्ट्ीज़ को विटीकल्चर काउंसिल द्वारा मोड़ दिए जाएंगे पर फंड ना मिलने की सूरत में इस संबंधी एक नई कंपनी तैयार की जाएगी और पंजाब एग्रो इंडस्ट्ीज़ को उस कंपनी द्वारा चार करोड़ रूपए की कीमत के शेयर दे दिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस स्वीकृति उपरांत 12-2-2007 को पंजाब एग्रो ने पेशगी के रूप में पूरे चार करोड़ रूपए विटीकल्चर काउंसिल को तलबंडी साबो में शराब का कारखाना लगाने के लिए तबदील कर दिए। इस उपरांत 2010 में विटीकल्चर काउंसिल ने मनमर्जी के साथ यह सारी रकम प्राजैक्ट प्रवाणकत्र्ता बोर्ड की स्वीकृति के बिना ही पंजाब सिस्टम काउंसिल के खाते में जमा करवा कर किसानों की जमीनों की लीज़ रकम देने के लिए खर्च कर दी। श्री चिमनी पंजाब सिस्टम काउंसिल और विटीकल्चर काउंसिल दोनों संस्थानों के मुखी थे। इस उपरांत राज्य सरकार ने फंडों की दुर्रपयोग का यह मामला ध्यान में आने पर पड़ताल उपरांत विजीलैंस ब्यूरो को श्री चिमनी विरूद्ध केस दर्ज करने के लिए भेजा था। उन्होंने बताया कि तथ्योंके आधार पर विजीलैंस ने आज यह मुकद्धमा दर्ज करने उपरंत आगामी कार्रवाई आरंभ कर दी है।