चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने आज उत्तराखंड में अपने हमरूतबा विजय बहुगुणा को अपील की कि सीनियर आई ए एस अधिकारी काहन सिंह पन्नू पर हमले में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ बनती कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए जिनकी अध्यक्षता में टीम को उत्तराखंड में भारी तबाही के मद्देनजर राहत और बचाव कार्यो की देखरेख के लिए गोबिंदघाट में तैनात किया गया था।
बहुगुणा को लिखे पत्र में पंजाब के मुख्यमंत्री ने उनको निजी हस्ताक्षेप की मांग करते हुए इस मार्मिक घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ तुरंत पुलिस और कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि अधिकारियों का हौंसला हमेशा बुलंद रहे।
मुख्यमंत्री के निर्देशों पर डी जी पी सुमेध सिंह सैणी ने सीनियर आई ए एस अधिकारी काहन सिंह पन्नू पर हुए हमले की घटना की जांच के लिए विशेष जांच टीम /एस आई टी/ का गठन कर दिया है। पन्नू की अगुवाई में टीम को उत्तराखंड में भारी तबाही के मद्देनजर राहत व बचाव कार्यो की देखरेख के लिए गोबिंदघाट में तैनात किया गया था।
इस बात की जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया कि यह चार सदस्यीय विशेष जांच टीम आई जी सुरक्षा संजीव कालड़ की देखरेख तहत काम करेगी जिनके अतिरिक्त इसमें डी आई जी गोत्तम चीमा जोकि पहले ही डी जी पी के निर्देशें के तहत रविवार को गोबिंदघाट में इस मार्मिक घटना की प्रारम्भिर जांच करने के लिए गए हुए हैं, डी आई साईबर अपराध कुंवर विजय प्रताप सिंह और एस एस पी मोहाली गुरप्रीत सिंह भुल्लर शामिल हैं।
विशेष जांच टीम द्वारा रिर्पोट देने के पश्चचात मुख्यमंत्री ने ए डी जी पी अमन और कानून को निर्देश दिए हैं कि वह इस टीम की जांच पर आधारित उत्तराखंड अॅथारिटी के साथ तालमेल कायम करेगी ताकि जो इस घटना में जिम्मेवार दोषियों के विरूद्ध कानून से संबंधित धाराओं तहत एफ आई आर दर्ज करवाई जा सके।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि आरम्भिक रिर्पोट के अनुसार अब तक दो व्यक्तियों की शिनाख्त हो चुकी है, सामने आए आरम्भिक तथ्यों के मुताबिक के एस पन्नू अपनी टीम के अन्य सदस्यों जिनमें पंजाब राज्य सहकारी बैंक के प्रबंधकीय मैनेजर कमलजीत सिंह संघा निदेशक जनरल स्कूल शिक्षा के सहायक प्राजैक्ट अफसर अमरजीत सिंह, पंजाब पुलिस के इंस्पैक्टर कुलभूषण जो सादी वर्दी में थे, के साथ उनको भी सौंपे कार्यो के लिए जोशीमठ से गोबिंदघाट जा रहे थे। इन अधिकारियों के अतिरिक्त पन्नू के साथ गुरूद्वारा जोशीमठ के सहायक मैनेजर, पंजाब पुलिस का एक सिपाही और फौज का एक जवान वर्दी में था जिनको यूनिट के कमाडेंट अधिकारी के रूप में तैनात किया था। 24 जून, 2013 के मार्मिक दिन को पन्नू श्रद्धालूओं को बाहर निकालने के कार्यो को देखने के लिए गोबिंदघाट गए थे जहां 30 से 40 व्यक्तियों की भीड़ ने अचानक हमला कर दिया। इस मौके पंजाब पुलिस का इंस्पेक्टर कुलभूषण सहायता मांगने के लिए पास ही आई टी बी पी की गश्त कर रही पार्टी की तरफ चला गया।
इस दौरान हमले में शामिल दोषियों के खिलाफ मोहाली पुलिस थाने में धार्मिक भावनाओं को भडक़ाने के दोष में आई पी सी की धारा 295 ए और साईबर अवराध आई टी की धाराओं तहत केस दर्ज किया जा रहा है।