· यह टाइनॉर ऑर्थोटिक्स की बैकवर्ड इंटीग्रेशन सुविधा है - टाइनॉर ऑर्थोटिक्स भारत की सबसे बड़ी ऑर्थोपेडिक सहायक उपकरण निर्माता कंपनी है
· ₹ 300 करोड़ के भारी निवेश के साथ स्थापित, इस प्लांट की चीन से किसी भी तरह के आयात पर ‘ज़ीरो डिपेंडेंस यानि शून्य निर्भरता’ है
मोहाली, जून 22 : ‘मेक इन इंडिया’और ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारत की सबसे बड़ी ऑर्थोपेडिक सहायक उपकरण निर्माता कंपनी टाइनॉर ऑर्थोटिक्स ने पंजाब के मोहाली में एक अत्याधुनिक टैक्सटाइल्स मैन्युफैक्चरिंग युनिट - ऑर्टेक टेक्सटाइल्स - की स्थापना की है।
बैकवर्ड इंटीग्रेशन मॉडल के तहत निर्मित यह प्लांट टाइनॉर ऑर्थोटिक्स की सभी तरह की रॉ मैटीरियल्स की जरूरतों को पूरा करेगा । यह इंडस्ट्रियल युनिट छह एकड़ में फैली हुई है और जमीन, इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड मशीनरी सहित ₹ 300 करोड़ के निवेश के साथ स्थापित की गई है।
इस अत्याधुनिक प्लांट का उद्घाटन मुख्य अतिथि स. तरुणप्रीत सिंह सोंध, उद्योग, आईटी और श्रम मंत्री, पंजाब सरकार ने किया। मोहाली के विधायक कुलवंत सिंह भी गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में इस अवसर पर उपस्थित थे। इस मौके पर डॉ. पी जे सिंह, मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी), टाइनॉर ऑर्थोटिक्स और ए.जे. सिंह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, टायनॉर ऑर्थोटिक्स भी मौजूद थे।
सोंध ने मोहाली में प्लांट लगाने के लिए टाइनॉर ग्रुप की सराहना करते हुए कहा कि "डॉ. पी.जे. सिंह ने मोहाली में जमीन खरीदकर नए युनिट्स स्थापित करके जो किया है, वह पंजाब के विकास के लिए उनके मजबूत इरादे और समर्पण को दर्शाता है।"
डॉ. पीजे सिंह , मैनेजिंग डायरेक्टर, टाइनॉर ऑर्थोटिक्स ने बताया कि टायनॉर ग्रुप वर्तमान में ₹ 600 करोड़ की मजबूत उत्पादन क्षमता के साथ काम कर रहा है। ऑर्टेक टेक्सटाइल्स के इंटीग्रेशन के माध्यम से योजनाबद्ध विस्तार के साथ, ग्रुप की यह क्षमता ₹ 2,000 करोड़ तक बढ़ने का अनुमान है।
डॉ. पी जे सिंह, ने प्लांट के उद्घाटन से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि "यह महत्वपूर्ण ग्रोथ न केवल हमारे मैन्युफैक्चरिंग फुटप्रिंट को मजबूत करेगी बल्कि अनुमानित 1,000 से 1,500 व्यक्तियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी, जो क्षेत्रीय आर्थिक विकास में और महत्वपूर्ण योगदान देगी।"
डॉ. सिंह ने कहा कि “ऑर्टेक टेक्सटाइल्स की शुरुआत ग्रुप की पूर्ण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह युनिट आयातित कच्चे माल, विशेष रूप से चीन से आयातित कच्चे माल पर निर्भरता को काफी हद तक समाप्त कर देगी। इस प्लांट में, हम टायनॉर की आर्थोपेडिक एड मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं में कैप्टिव उपयोग के लिए हाई क्वालिटी वाले टेक्नीकल टेक्सटाइल्स का उत्पादन करेंगे।”
डॉ. सिंह ने कहा, “नए प्लांट से उत्पाद की गुणवत्ता में 25 प्रतिशत की वृद्धि होने और कच्चे माल की लागत में भी 25 प्रतिशत की कमी आने की उम्मीद है, जिससे कंपनी भारत और वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी, किफायती और प्रीमियम गुणवत्ता वाले मेडिकल एड उत्पाद पेश करने में सक्षम होगी।”
विकास और रोजगार के बारे में मीडिया से बात करते हुए, ए.जे.सिंह, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, टायनॉर ऑर्थोटिक्स ने कहा कि “ऑर्टेक टेक्सटाइल्स में विनिर्माण की शुरुआत के साथ, टायनॉर ग्रुप में रोजगार की संख्या को 2,500 से बढ़ाकर 5,000 करने की योजना है, जिसमें अकेले ऑर्टेक टेक्सटाइल्स के माध्यम से 1,000 नई नौकरियां पैदा होंगी।”
ए.जे. सिंह ने इस बड़े पैमाने पर निवेश को प्रेरित करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई उदार औद्योगिक नीतियों और सुधारों को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य अत्याधुनिक तकनीक लाना, एक मजबूत रिसर्च एंड डेवलपमेंट ईकोसिस्टम तंत्र स्थापित करना और वैश्विक स्तर पर शीर्ष तीन आर्थोपेडिक एड निर्माताओं में से एक बनना है।"
ऑर्टेक टेक्सटाइल्स युनिट में एडवांस्ड टेक्सटाइल मशीनरी है, जिसमें सर्कुलर निटिंग, जैक्वार्ड निटिंग, फ्लैट निट, 3डी निट, नैरो फैब्रिक मशीन, फैब्रिकेशन लेमिनेशन मशीन और नियोप्रीन लेमिनेटेड फैब्रिक उपकरण शामिल हैं। ये क्षमताएं टायनॉर को टेक्नीकल टैक्सटाइल्स और आर्थोपेडिक कम्पोनेंट्स के उत्पादन में बेजोड़ वर्टिकल इंटीग्रेशन प्रदान करेंगी।
वर्तमान में 60 से अधिक देशों को निर्यात करने वाला टायनॉर पहले से ही भारत और पांच अन्य देशों में अपने उत्पाद श्रेणी में नंबर 1 ब्रांड है। कंपनी ने अब इस नेतृत्व को 100 वैश्विक उभरते बाजारों तक विस्तारित करने पर अपना ध्यान केन्द्रित किया है और उसी दिशा में आगे बढ़ रही है।