चंडीगढ़ - किसानों को सोयल हेल्थ के बारे में जागरूक करने के लिए पंजाब के राज्यपाल और यूटी प्रशासक महामहिम गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को राजभवन स्थित अपने आवास से विकसित कृषि संकल्प अभियान और सोयल यात्रा के अंतर्गत एक लैब वैन को हरी झंडी दिखाई। यह अनूठा अभियान सोयल डायग्नोस्टिक और जागरूकता अभियान है जिसका उद्देश्य एडवांस सॉयल टेस्टिंग को सीधे किसानों तक पहुंचाना है, जो कि उनके खेतों में ही होगा ।
इस पहल के दौरान सोयल टेस्टिंग के लिये इस्तेमाल में आने वाले उपकरणों और विशेषज्ञों से लैस यह वैन किसानों को इस देशव्यापी अभियान के अंतर्गत जागरुक करेगी। चंडीगढ़ स्थित स्टार्टअप सम्पूर्ण एग्री वेंचर्स और ग्रीनफेयर के सहयोग से भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) द्वारा शुरू की जा रही यह यात्रा अगले 15 दिनों में 17 जिलों को कवर करेगी। इस अभियान से कृषि विकास केंद्र के माध्यम से सैकड़ों किसानों को सोयल हेल्थ के महत्व के बारे में जानकारी देगी ।
विकसित कृषि संकल्प अभियान भारत सरकार द्वारा शुरू किया अभियान है जिसका उद्देश्य नवीन और टिकाऊ कृषि प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना है। इसका एक प्रमुख फोकस फरमेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (खाद) और तरल खाद का उपयोग है, जो मिट्टी के कार्बन को बहाल करने और जैविक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। टिकाऊ कृषि और जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौतियां हैं, जिनका एक ही समाधान है, मिट्टी में जैविक कार्बन को बढ़ाकर सोयल हेल्थ कायम रखना।
वैन को हरी झंडी दिखाते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा, "विकसित कृषि संकल्प अभियान और सोयल (भूमि) यात्रा आज भारतीय कृषि के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों का समाधान करने की दिशा में सराहनीय कदम हैं। वैज्ञानिक मिट्टी परीक्षण को सीधे किसानों के खेतों तक ले जाकर, यह पहल न केवल हमारे कृषक समुदाय को आवश्यक ज्ञान से सशक्त बनाती है बल्कि जैविक प्रथाओं की गहरी समझ भी पैदा करती है। ये प्रयास हमारी भूमि और हमारे लोगों दोनों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं। हमारे किसानों को सिर्फ सब्सिडी से ज्यादा ज्ञान, उपकरण और स्पष्ट दृष्टि की जरूरत है।
इस पहल की जरूरत का समर्थन करते हुए, संपूर्ण एग्री वेंचर्स के एमडी संजीव नागपाल ने कहा, फर्टिलाइजर्स इम्पोर्ट पर 10 बिलियन डॉलर और फूड्स सप्लीमेंट्स पर 4.5 बिलियन डॉलर खर्च करने के साथ, भारत एक गंभीर कृषि संकट का सामना कर रहा है, जो सोयल बायोलॉजी, में गिरावट, ग्राउंड वाटर की गुणवत्ता में गिरावट, खराब फूड न्यूट्रिशन और व्यापक पोषक तत्वों की कमी से चिह्नित है और लगभग 50% आबादी को प्रभावित करता है। उन्होंने पुष्टि की कि यह पहल मिट्टी के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देगी, पारंपरिक खाद की तुलना में फरमेंटेड ऑर्गेनिक मैन्योर (खाद) और तरल खाद के लाभों पर प्रकाश डालते हुए मात्र फसल की उपज में वृद्धि होगी । दोनों उपाय मिट्टी के कार्बनिक कार्बन को बहाल करने, पोषक तत्व दक्षता को बढ़ाने और रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों की आवश्यकता को काफी कम करने में मदद करते हैं।
ग्रीनअफेयर की संस्थापक कोमल जायसवाल ने ने मिशन की उद्देश्यपूर्ति पर कहा कि यह अभियान खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, जैव विविधता को संरक्षित करने, जल संरक्षण बढ़ाने के लिए आवश्यक आधार है।
इस अवसर पर राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक प्रताप सिंह, पंजाब सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण विभाग के सचिव प्रियांक भारती (आईएएस), उद्योग और वाणिज्य निदेशक और पंजाब लघु उद्योग निर्यात निगम की एमडी सुरभि मलिक (आईएएस), आईआईएसईआर, मोहाली के निदेशक अनिल कुमार त्रिपाठी, केवीके मोहाली के उप निदेशक डॉ. बलबीर सिंह खड्डा, टीबीआई, आईआईएसईआर, मोहाली के सीईओ सत्येंद्र सिंह चौधरी और अडानी समूह (उत्तर) के उपाध्यक्ष डॉ. रूपेश सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता करण गिल्होत्रा, वर्बियो इंडिया के एमडी आशीष कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।