चंडीगढ़ : पंजाब के स्वास्थय एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री मदन मोहन मित्तल ने आज यहां बताया कि पंजाब राज्य देश का डेंगू से हुई मौतों की समीक्षा करने वाला पहला राज्य बना है। स्वास्थय मंत्री ने बताया कि स्वास्थय एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा विशेषज्ञों डाक्टरों की राज्य स्तरीय डेंगू डेथ रिव्यू कमेटी और जिला स्तर पर डेंगू डेथ रिव्यू कमेटियों का गठन किया गया था। इन कमेटियों द्वारा पंजाब राज्य में वर्ष 2012 के दौरान डेंगू से हुई 15 मौतों की समीक्षा की गई। इनमें से आठ मौतें दयानंद मैडिकल कालेज और अस्पताल लुधियाना में और सात मौतें पी जी आई चंडीगढ़ से रिपोर्ट हुई थी। सभी मौतों की पहले जिला डेंगू डेथ रिव्यू कमेटी द्वारा समीक्षा की गई और बाद में राज्य डेंगू डेथ रिव्यू कमेटी द्वारा भी समीक्षा की गई। मैडिकल रिकार्ड, लेब का रिकार्ड और इलाज का रिकार्ड जांचने के पश्चात, सात मौते डेंगू बुखार से नही हुई पाई गई। अब वर्ष 2012 में केवल आठ मौतें (एक एक मौत जिला कपूरथला, मोगा, लुधियाना और गुरदासपुर और 4 मौतें मोहाली जिले में )डेंगू बुखार से हुई रह गई हैं।
श्री मित्तल ने बताया कि पंजाब राज्य में अब डेंगू टेस्ट 15 सैंटरों (सरकारी मैडिकल कालेज अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट, सिविल अस्पताल, बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, फिरोज़पुर, गुरदासपुर, होश्यिारपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मानसा, मोगा, मोहाली और संगरूर) में निशुल्क किया जाता है। सरकारी अस्पतालों में दाखिल डेंगू के सभी शक्की केसों का ईलाज मुफ्त किया गया। स्वास्थय विभाग की प्रमुख सचिव श्री विन्नी महाजन द्वारा सरकारी और प्राईवेट डाक्टरों को निर्देश दिए है कि डेंगू संबंधी 15 सैंटरों से टैस्ट कन्फ्रम करवाने के पश्चात ही डेंगू और मलेरिया केे केसों की घोषणा की जाये।
श्री अशोक नय्यर निदेशक स्वास्थय एवं परिवार कल्याण पंजाब ने बताया कि स्वास्थय विभाग द्वारा वर्ष 2013 में डेंगू और मलेरिया से प्रभावित क्षेत्र में कीटनीशक दवाईयों की स्प्रे किया जाएगा।