चंडीगढ़ - गुरुवार को सुबह एस्टेट ऑफिस द्वारा चंडीगढ़ के दरिया में डिमोलिशन ड्राइव चलाई गई जिसके ऑर्डर स्वयं डीसी द्वारा पिछले साल दिनांक 4.07.24 को किए गए थे डेमोलिशन के दौरान पहुची प्रशासन की टीम ने कार्य देरी के साथ किया जिसमे कंप्लेनेंट सुनील कुमार गुप्ता द्वारा बताया गया की स्थानीय पार्षद के पति द्वारा इस कार्यवाही को बाधित करने की साजिश की जा रही है इस मामले में कोर्ट द्वारा पहले ही स्टे है उसके बावजूद स्थानीय पार्षद अपनी क़ानून की उलंगघन कर रहा था
जिसके चलते एस्टेट ऑफिस ने ग़ैरक़ानूनी ढाँचे को निस्तानाबूद करने का ऑर्डर दिया पर पार्षद के पति ने राजनीतिक दबाव से कार्यवाही को रुकवा दिया इसी के साथ अपने आपको मालिक कहने वाले प्रभजीत ने मीडिया से दिए बयान में कहा में मालिक हूँ मामला कोर्ट में पेंडिंग है हम कोर्ट से जल्द फैसले की उम्मीद करते हैं मौके पर मौजूद तहसीलदार से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने डीसी की ऑर्डर की पालना कर रहे हैं कह कर के बात समाप्त कर दी पर कार्यवाही पूरी क्यों नहीं हुई इस पर कोई जवाब नहीं दिया तज्जुब की बात यह रही की मौके पे कोई भीड़ किसी तरह की दखलंदाजी ना रहने के बावजूद भी क्यों इस प्रकार प्रशासन की टीम और भारी मात्रा मैं पहुँच पुलिस बल का दस्ता कार्य ख़त्म करे बिना क्यों लौट गया किस दबाव मैं सब लौटे यह सवालों के जवाब हासिल किए बिना मौके पर पहुचे मीडिया कर्मियो को लौटना पड़ा