पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए, उन्होंने कहा, "नारी एक संस्कार शाला है... एक महिला, अपने आप में, नैतिक मूल्यों और नैतिकता की एक संपूर्ण संस्था है।"
“स्त्री सामर्थ्य सम्मिट-2025’ दिमाग, दिल और आवाज़ का एक परिवर्तनकारी संगम है जिसका उद्देश्य महिलाओं को वास्तव में सशक्त बनाने वाले समाधान खोजना है,” डॉ. मोनिका बी. सूद, आंत्रप्रेन्योर और चेयरपर्सन, नेशनल यूनिटी एंड सिक्योरिटी काउंसिल
चंडीगढ़, 28 मार्च, 2025: नवजीवन स्वास्थ्य सेवा और राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा परिषद (एनयूएससी) की एक अग्रणी पहल, स्त्री सामर्थ्य सम्मिट को विभिन्न हितधारकों से जबरदस्त रिस्पांस मिला, जिसने महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत किया है।
इस कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। सम्मिट का आयोजन कॉन्फैडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) के नॉर्दर्न रीजन हैडक्वार्टर में सीआईआई आईडब्ल्यूएन (इंडियन वीमेन नेटवर्क ) के सहयोग से नवजीवन स्वास्थ्य सेवा और एनयूएससी द्वारा संयुक्त तौर पर किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने महिला सशक्तीकरण पर एक कॉफी टेबल बुक - 'चित्रात्मा स्त्री सामर्थ्य' का विमोचन किया।
माननीय राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि "नारी एक संस्कार शाला है।" उन्होंने कहा कि नारी को जिस मोर्चे पर लगाया उसने वहां झंडा गाड़ा, नारी में अपार शक्ति है... अर्थात (एक महिला जिस भी क्षेत्र में तैनात होती है, चमत्कार हासिल करती है और एक महिला में अपार शक्ति होती है)। राज्यपाल ने आयोजकों से जरूरतमंद महिलाओं से जुड़ने और उन्हें महिलाओं के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए भी कहा।
उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत का विकसित राष्ट्र बनने का सपना महिलाओं की प्रगति के बिना साकार नहीं हो सकता। इसलिए हम सभी को एकजुट होकर इस दिशा में काम करना होगा।
नवजीवन स्वास्थ्य सेवा की सीईओ और एनयूएससी की चेयरपर्सन डॉ.मोनिका बी सूद और सीआईआई इंडियन वूमेन नेटवर्क (आईडब्ल्यूएन), चंडीगढ़ क्षेत्र की चेयरपर्सन रितिका सिंह ने ‘स्त्री सामर्थ्य’ के मौके पर आयोजित एक प्रेस मीट में कार्यक्रम का विवरण साझा किया।
डॉ मोनिका बी सूद ने कहा कि “स्त्री सामर्थ्य सम्मिट-2025’ दिमाग, दिल और आवाज का एक परिवर्तनकारी संगम है जिसका उद्देश्य ऐसे समाधान खोजना है जो वास्तव में महिलाओं को सशक्त बनाएं। ‘स्त्री सामर्थ्य’ दिल्ली और मुंबई के शहरों से लेकर बस्तर और भागलपुर के गांवों तक हर महिला के भीतर निहित शक्ति को जगाने का एक सशक्त आंदोलन है। मुझे यकीन है कि अगर ऐसा किया जाता है तो एक महिला न सिर्फ अपना जीवन बदलेगी, बल्कि देश के भविष्य को भी बेहतर बनाएगी।”
स्त्री सामर्थ्य सम्मिट-2025 के बारे में आगे बात करते हुए, डॉ.मोनिका बी सूद ने कहा कि सम्मिट महिलाओं के समग्र सशक्तिकरण के सात स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करता है: मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कल्याण; वित्तीय साक्षरता और आर्थिक सशक्तिकरण; महिला स्वास्थ्य और एचपीवी जागरूकता; कानूनी अधिकार; महिलाओं की साइबर सुरक्षा और शारीरिक सुरक्षा; महिला शिक्षा और महिला आंत्रप्रेन्योरशिप।
सीआईआई आईडब्ल्यूएन की चेयरपर्सन और आंत्रप्रेन्योर रितिका सिंह ने कहा कि महिलाओं का संपूर्ण सशक्तिकरण विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने का मूलमंत्र है। रितिका सिंह ने कहा कि "सीआईआई आईडब्ल्यूएन डॉ. मोनिका बी सूद के प्रयासों और महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति उनके समर्पण की सराहना करता है। हमें एक महान उद्देश्य के लिए उनके साथ सहयोग करके खुशी हो रही है।"
इस बीच, डॉ मोनिका बी सूद ने मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, विशिष्ट अतिथि संजय टंडन, वरिष्ठ भाजपा नेता; राखी गुप्ता भंडारी (आईएएस), प्रमुख सचिव, फूड प्रोसेसिंग, पंजाब और संजीव गोयल, आईएएएस, महानिदेशक रक्षा (ऑडिट), चंडीगढ़ को सम्मानित किया।
शिखर सम्मेलन में आज महिलाओं को प्रभावित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक प्रभावशाली पैनल चर्चा हुई गीतांजलि खंडेलवाल, एसपी, क्राइम, वीमेन एंड चाइल्ड वेलफेयर, चंडीगढ़, और संदीप साहनी, जाने माने फाइनेंशियल रणनीतिकार। वहीं अन्य पैनलिस्टों में शबाना आज़म, साइकोलॉजिस्ट, पूजा नायर, कानूनी विशेषज्ञ; रितिका सिंह, चेयरपर्सन ,सीआईआई आईडब्ल्यूएन और आंत्रप्रेन्योर और डॉ प्रीति जिंदल शामिल थीं।
विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा किए गए असाधारण योगदान के सम्मान में, 'स्त्री सामर्थ्य सम्मिट-2025' ने विविध क्षेत्रों की महिला परिवर्तन निर्माताओं को भी सम्मानित किया, जिनमें शिक्षक, उद्यमी, गृहिणी, पुलिस अधिकारी, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार आदि अलग अलग भूमिकाओं में सफलता हासिल कर रही महिलाएं शामिल हैं।
इस अवसर पर सम्मानित होने वालों में मंजीत कौर, प्रेसिडेंट, एरिया एंड सिटी लेवल फेडरेशन, मलोया - एक समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता; अनु कुमार, प्रिंसिपल, स्टेपिंग स्टोन्स स्कूल, चंडीगढ़; सिस्टर शेफाली परमार, प्रिंसिपल, कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल, चंडीगढ़; डॉ. आशा कटोच, सीईओ, डीआईआर इंडिया - भावुक लीडर सामाजिक परिवर्तन की पक्षधारक; मीनू पराशर, आर्किटेक्ट, कलाकार और शिल्पकोश और एनजीओ क्यूब्स क्लब की संस्थापक; शीला देवी, बहादुर महिला बस कंडक्टर और समर्पित मां; साक्षी बहल, रयात बाहरा यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरियन और एजुकेशन की मेंटर और पक्षधारक, डॉ श्वेता गोयल, डायरेक्टर, वीएस डायग्नोस्टिक्स और मित्तल डायग्नोस्टिक्स - एक प्रतिष्ठित रेडियोलॉजिस्ट; डॉ. शिवानी सतीजा, डिप्टी सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा; कृष्णा भाटिया, सामाजिक कार्यकर्ता और सामुदायिक योगदानकर्ता; प्रेरणा कालरा, संस्थापक और डायरेक्टर, हनुएआई; रेणु सैगल, प्रेसिडेंट, सहायता चैरिटेबल वेलफेयर सोसाइटी और निशिमा वांगू, असिस्टेंट प्रोफेसर, यूआईईटी, पंजाब यूनिवर्सिटी शामिल थीं।
सम्मिट के बारे में आगे बताते हुए, जिसका समापन प्रत्येक महिला को आगे बढ़ने के लिए एक राष्ट्रीय आह्वान के साथ हुआ, डॉ मोनिका बी सूद ने कहा कि “महिलाओं को ऐसी सपोर्ट सिस्टम्स की आवश्यकता है जो उन्हें आगे बढ़ने का मौका दे। जब एक महिला अपने मूल्य, अपने अधिकारों, अपने स्वास्थ्य और अपनी आवाज को समझती है तो वह वास्तविक अर्थों में सशक्त होती है और हर सेक्टर में शिखर पर पहुंचती है।”