मोहाली: रयात बाहरा विश्वविद्यालय ने अपने जीवन विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित जीवन विज्ञान, स्वास्थ्य और पर्यावरण स्थिरता (ICLSHES 2025) पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की सफलतापूर्वक मेजबानी की। हाइब्रिड-प्रारूप वाला कार्यक्रम मोहाली के रेड रिबन क्लब, माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी ऑफ इंडिया, पीएससीएसटी, डीएसटी और नेशनल काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी कम्युनिकेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था।
सम्मेलन में मुख्य भाषण, विशेषज्ञ वार्ता, शोध पत्र प्रस्तुतियाँ, वैज्ञानिक प्रदर्शनियाँ और इंटरैक्टिव प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, जिससे अत्याधुनिक प्रगति पर चर्चा को बढ़ावा मिला।
आईक्यूएसी की निदेशक डॉ. सिमरजीत कौर ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया, जिसके बाद औपचारिक दीप प्रज्ज्वलन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. वरिंदर गर्ग (पीजीआईएमईआर अध्यक्ष के ओएसडी) ने ज्ञान के आदान-प्रदान और नेटवर्किंग पर जोर दिया। चांसलर गुरविंदर सिंह बहरा और कुलपति डॉ. परविंदर सिंह ने बहु-विषयक अनुसंधान को बढ़ावा देने में कार्यक्रम की भूमिका पर प्रकाश डाला।
दूसरे दिन मुख्य अतिथि एस शिवदुलार सिंह ढिल्लों, आईएएस (सेवानिवृत्त) और विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर (डॉ) नीना पजनी सेठ थे। मुख्य वक्ताओं में डॉ. जीआर चौधरी (पंजाब विश्वविद्यालय), डॉ. अमित कुमार (टेनेसी विश्वविद्यालय), और डॉ. डीपीएस बडवाल (जस्ट एग्रीकल्चर) शामिल थे। उद्यमिता और कृषि उद्यमिता पर भी चर्चा हुई।
कार्यक्रम का समापन रयात बाहरा इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च के एक विशेष अंक और सम्मेलन की सार पुस्तिका के विमोचन के साथ हुआ।