कहा कि यह कार्रवाई अवैध, असंवैधानिक और पंजाब पुनर्गठन एक्ट,1966 का उल्लंघन: डाॅ. दलजीत सिंह चीमा
चंडीगढ़/13नवंबर: शिरोमणी अकाली दल ने चंडीगढ़ में हरियाणा को अलग विधानसभा बनाने के लिए जमीन आंवटित करने संबंधी हाल ही की खबरों पर कड़ा संज्ञान लिया है।
यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ नेता डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम करार देते हुए कहा कि इस संबंध में केंद्र सरकार का फैसला अवैध, असंवैधानिक और पंजाब पुनर्गठन एक्ट 1966 का घोर उल्लंघन है। उन्होने कहा,‘‘ अकाली दल किसी भी कीमत पर ऐसी किसी भी नापाक मंसूबे को कभी सफल नही होने देगा।’’
डाॅ. चीमा ने दोहराया कि चंडीगढ़ पंजाब का है और इसे पंजाब में स्थानांतरित कर दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा,‘‘ हरियाणा को हरियाणा में ही अपनी राजधानी बनानी चाहिए।’’ उन्होने कहा कि केंद्र सरकार के इस फैसले को पंजाब के लोगों के साथ एक और विश्वासघात के रूप में याद किया जाएगा। उन्होने कहा,‘‘ इस तरह के फैसले को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार यह संदेश देना चाहती है कि पंजाब को कभी भी उसकी राजधानी नही दी जाएगी।’’
वरिष्ठ अकाली नेता ने इस मुददे पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की चुप्पी की भी निंदा करते हुए इसे पंजाब के खिलाफ गहरी साजिश बताया। उन्होने कहा,‘‘ आप पार्टी अपने संयोजक अरविंद केजरीवाल के दबाव में न तो पंजाब यूनिवर्सिटी के मुददे पर बोली और न ही चंडीगढ़ में हरियाणा को अलग विधानसभा बनाने के लिए जमीन आवंटित करने के मुददे पर बोल रही है। इससे केवल यह साबित होता है कि आप सरकार की भाजपा के साथ मिलीभगत है।’’
डाॅ. चीमा ने कहा कि अकाली दल ने पंजाब की सभी पार्टियों से इस मुददे पर अपना रूख स्पष्ट करने की अपील की तथा उनसे पंजाब की राजधानी को बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर साथ चलने का आग्रह किया।