चण्डीगढ़ : पंजाब के उप मुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने मोहाली में ‘पालीबुड’ की स्थापना के सपने को साकार करने की तरफ बड़ी पहलकदमी करते हुए प्रस्तावित विश्व स्तरीय फिल्म संस्थान तथा फिल्म सिटी को मंजूरी दे दी है।
आज यहां एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए स. बादल ने कहा कि राज्य में पंजाबी के साथ साथ अन्य भाषाओं की फिल्मों की बड़े स्तर पर शूटिंग हो रही है और पंजाब सरकार फिल्म उद्योग को प्रफुल्लित करने के लिए हर प्रकार का सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि मेरे तक वालीबुड एवं अन्य फिल्क उद्योगों के प्रसिद्ध निर्देशकों तथा उत्पादकों ने पंजाब के गांवों,ऐतिहासिक किलों, श्री दरबार साहिब अमृतसर के अतिरिक्त ऐतिहासिक किलों, श्री दरबार साहिब अमृतसर के अतिरिक्त ऐतिहासिक शहरों अमृतसर, कपूरथला, पटियाला तथा बठिंडा में शूटिंग के लिए पहुंच की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय निर्देशकों द्वारा अपने स्तर पर ही प्रयास कर पंजाब में शूटिंग की जा रही है और पंजाब सरकार द्वारा उनकी इस कार्य में सहायता के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
स. बादल ने पर्यटन तथा सांस्कृतिक मामलों की प्रधान सचिव श्रीमती गीतिका कल्हा को कहा कि वह प्रसिद्ध फिल्म उत्पादकों के साथ तालमेल स्थापित कर उनकी जरूरतों सम्बन्धी पता लगाकर एक विस्तृत योजना बनाएं। उन्होंने साथ ही पुड्डा के मुख्य प्रशासक श्री मनवेश सिंह सिद्दू को आदेश दिया कि वह प्रस्तावित फिल्म सिटी के लिए शिवालिक की पहाडिय़ों के कदमों में भूमि का प्रबन्ध करे तथा उस जगह को बेहरीन यातायात सम्पर्क से जोड़ा जाये। उन्होंने कहा कि हैदराबाद, चैन्नई तथा मुम्बई में मौजूदा फिल्म सिटीज़ में उपलब्ध सुविधाओं सम्बन्धी जानकारी एकत्रित करने के लिए एक कौर ग्रुप स्थापित किया जाये। इसके अतिरिक्त प्रस्तावित फिल्म सिटी में होलीबुड की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए। स. बादल ने बताया कि मोहाली फिल्म सिटी तकनीकी तौर पर विश्व स्तरीय एनीमेशन, फिल्म मिक्सिंग, सिनमाटोग्राफी, संाऊड इंजीनियरिंग, सम्पादन तथा लाईटिंग की सुविधाए मुहैया करवाएगी ताकि फिल्म उत्पादकों को फिल्म को अन्तिम रूप देने के लिए मुम्बई में न जाना पड़े।
मासमीडिया तथा फिल्म मैकिंग को भविष्य का बड़ा उद्योग बताते हुए उप मुख्यमंत्री ने बताया कि केवल यह ही एक ऐसा क्षेत्र है जो विश्वभर में छाई मंदी के बावजूद 46 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है। स. बादल ने कहा कि कोर ग्रुप द्वारा फिल्म उद्योग के वित्तीय मॉडल, पंजाबी फिल्म उद्योग की जरूरतों, पंजाब में शूटिंग की जाने वाली फिल्मों को रियायतों के अतिरिक्त पंजाबी नवयुवकों को रोजगार देने वाली फिल्मों को विशेष पेैकेज दिये जाने सम्बन्धी भी मुल्यांकन करेगा।
फिल्म उद्योग के लिए पेशेवर विशेषज्ञ तैयार करने के लिए स. बादल ने मोहाली में विश्व स्तरीय फिल्म संस्थान की स्थापना को भी मंजूरी दी। इस संस्थान में फिल्म उद्योग से सम्बन्धित 48 प्रकार के डिग्री तथा डिप्लोमा पाठयक्रम करवाए जाएंगें। यह संस्थान सरकारी तथा नीजि भागीदारी तहत स्थापित किया जायेगा जिसमें निर्देशन, फिल्मांकन, सम्पादन, सांऊड इंजीनियरिंग, एनीमेशन, विजुअल इफैक्ट, पटकथा लेखन, रूपसज्जा, अभिनय, आदि का तीन वर्षीय स्नातक पाठयक्रम करवाया जायेगा। इसके अतिरिक्त इसमें अंडर ग्रेजुएट स्तर पर लाईटिंग, मल्टी कैमरा स्टूडियो, व्यवसायिक फोटोग्राफी, विजुअल इफैक्ट, निर्माण का डिप्लोमा करवाया जायेगा।
द्वितीय चरण तहत संस्थान में एडवांस डिप्लोमा पाठयक्रम, जनसंचार, पत्रकारिता, विज्ञापन कला, जनसम्पर्क, विकास मुखी संचार, मीडिया प्रबन्धन में स्नातकोतर पाठयक्रम करवाए जाएंगें। यह संस्थान कुल एक सौ पन्द्रह करोड़ रूपये की लागत से बारह एकड़ भूमि में स्थापित होगा जहां कुल 2850 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर सकेंगें।
स. बादल ने पंजाबी फिल्म उद्योग को प्रफल्लित करने के इरादे से विशेषज्ञों के ग्रुप को कहा कि वह एक माह के भीतर प्रमुख फिल्म निर्देशकों, उत्पादकों से तालमेल कर योजना तैयार करें।