भारतीय खाद्य निगम की अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक वनिता रतन शर्मा ने आज पंजाब के मुख्य सचिव और राज्य खरीद एजेंसियों के अन्य अधिकारियों के साथ आगामी फसल वर्ष 2024-25 के लिए धान खरीद की स्थिति और चावल की स्वीकृति के प्रबंधों की समीक्षा की।
11 नवंबर, 2024 तक पंजाब की मंडियों में कुल 135.24 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 129.24 लाख मीट्रिक टन की खरीद राज्य एजेंसियों और एफसीआई द्वारा की जा चुकी है। धान की खरीद ग्रेड ‘ए’ धान के लिए भारत सरकार द्वारा तय एमएसपी 2320 रुपये पर की जा रही है और इससे करीब 7 लाख किसानों को फायदा हुआ है। मंडियों से धान का उठाव भी जोरों पर है और एक दिन में आवक की मात्रा से ज्यादा धान का उठाव हो रहा है। इस तरह मंडियों में कोई अधिक धान आने की सूचना नहीं है और धान की खरीद सुचारू रूप से चल रही है।
चावल की स्वीकृति के लिए जगह की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई और बताया गया कि एफसीआई पंजाब से हर महीने 13-15 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल ले जाने की योजना बना रही है। एफसीआई पहले से ही 24-25 केएमएस के लिए मिलर्स से चावल लेने के लिए राज्य एजेंसी से गोदाम किराए पर ले रही है। इसके अलावा, भारत सरकार ने पंजाब में 31 लाख मीट्रिक टन नए गोदामों के निर्माण को मंजूरी दी है और समयबद्ध तरीके से नई भंडारण क्षमताओं के निर्माण को पूरा करने का अनुरोध किया गया। भारत सरकार और एफसीआई पंजाब से चावल की सुचारू स्वीकृति के लिए सभी प्रयास कर रहे हैं।