चंडीगढ़: पंजाब सरकार द्वारा परिवहन विभाग में आरंभ किए ई- गर्वेनेंैस प्राजैक्ट ने बड़ी सफलता हासिल की है और इसके प्रति राज्य के लोगों के आकर्षण को देखते हुए अन्य राज्यों ने भी इसको लागू करने के लिए कदम उठाने आरंभ कर दिए हैं। यहां तक कि कीनिया की टीम ने भी हाल ही में राज्य का दौरा कर इस प्राजैक्ट की संभावनाओं और सफलताओं का अध्ययन किया है इसके साथ ही उड़ीसा और उत्तराखंड जैसे राज्यों के अधिकारी भी इस प्राजैक्ट का अध्ययन करने के लिए राज्य का दौराकर चुके हैं।
पंजाब के उपमुख्यमंत्री सरदार सुखबीर सिंह बादल के इस सप्पनमयी प्राजैक्ट की अपार सफलता की जानकारी देते हुए आज यहां परिवहन विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि देश में अपनी तरह के इस पहले प्राजैक्ट को उड़ीसा और उत्तराखंड आदि राज्यों ने भी लागू करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हेंै और कीनिया के अधिकारियों ने तो इसको अपने देश में लागू करने के लिए भारी उत्साह दिखाया है।
उन्होंने बताया कि यह प्राजैक्ट राज्य के सभी के सभी बाईस जिलों में लागू हो गया है। इस प्राजैक्ट के लागू होने से राज्य के लोगों को स्मार्ट कार्ड आधारित डईविंग लाईसैंंस और पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी होने लग पड़े हैं और इन कार्डों के प्रति लोगों में बड़ा उत्साह पाया जा रहा है।
प्रवक्ता अनुसार इसके अतिरिक्त अब बड़ी गिनती में टैक्सों आदि का भुगतान भी आन-लाईन होने लग पड़ा है जिससे टैक्स का भुगतान करने वालों की दफतरों में परेशानी बंद हो जाएगी और इससे उनके समय की भी बड़ी बचत हुई है। गैर व्यापारिक गाडिय़ों की पहली बार बिक्री के समय अधिकारित मोटर व्हीकल डीलरों द्वारा आन लाईन रजिस्ट्ेशन के लिए बार-बार चक्कर लगाने का उनका झंझट खत्म हो गया है।
प्रवक्ता अनुसार कालेजों और विश्वविद्यालयों के प्रिसीपलों को विद्यार्थियों को लर्निंग डईविंग लाईसैंस जारी करने और पक्के डईविंग लाईसैंस उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक डईविंग टैस्ट लेने के अधिकार देने के बढिय़ा और उत्साहजनक परिणाम निकले हेंैं इसी प्रकार राज्य हैड क्वार्टर चंडीगढ़ में राज्य डाटा सैंटर स्थापित किया गया है जिससे सभी जिला हैडक्वार्टरों को जोड़ा गया है। इसके साथ विभागीय कारगुजारी में पारदर्शिता आई है।