चंडीगढ: पंजाब सरकार द्वारा राज्य के समूह नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाए प्रदान करने के लिए राज्य के 101 स्वास्थ्य केन्द्रों को चुना गया है। जोकि दस किलोमीटर के दायरे में समूह मरीजों को एमरजैंसी डलीवरी और ट्रामा की सुविधाए प्रदान करेगे चुने गये इन केन्द्रो में 22 जिला अस्पताल है जबकि 41 सबडिवीजन अस्पताल और 37 कम्यूनिटी हैल्थ सैंटर शामिल है जोकि अति आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस है ।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल द्वारा अगले तीन महीनों में इस बहुमुखी योजना को लागू करने के लिए 102 करोड रूपये की योजना को स्वीकृति दी गई है। मुख्यमंत्री ने अपने निवास स्थान पर बीते देर सांय स्वास्थ्य विभाग के साथ की गई उच्च स्तरीय बैठक दोैरान इस योजना को स्वीकृति दी। इस बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री पंजाब श्री मदनमोहन मित्तल ,मुख्य ससंदीय सचिव डा. नवजोत कौर सिद्धू,सलाहकार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डा. केके तलवाड़ के अतिरिक्त प्रसिद्ध डा. और स्वास्थ्य विभाग के सीनीयरअधिकारी शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को रिक्त पडे पद शीघ्र भरने के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिये और प्रत्येक अस्पताल में विशेष एम बी बी एस डाक्टरों व अन्य पैरा मेडीकल स्टाफ की तैनाती को निश्चित समय में यकीनी बनाने के लिए भी कहा मुख्यमंत्री द्वारा प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्रीमती महाजन की मांग को मानते हुये उच्च शिक्षा के लिए जाने वाले डाक्टरों के बदले 200 अतिरिक्त पदों की सजृना करने के लिए भी स्वीकृति दी। ताकि राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को यकीनी बनाया जा सके।
राज्य की जनता को संचारित और गैर संचारित बीमारियों संबधी जागरूक करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य विभाग को शीघ्र एक व्यापक जन चेतना अभियान चलाने की ताकीद भी की गई ।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की रफतार की समीक्षा करते हुये मुख्यमंत्री ने जच्चा बच्चा संभाल के लिए के लिए यत्न किये जाने की बात कही उन्होने कहा कि चाहे राष्ट्रीय स्तर पर पंजाब की बाल मृत्यु दर और जननी मृतक दर में आई कमी के कारण काफी प्रशंसा होती है हमें इस क्षेत्र में अन्य यत्न किये जाने की जरूरत है मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में जज्जा बच्चा के लिए अलग अस्पताल और विंग कायम करने के लिए योजना बनाने की बात स्वास्थ्य विभाग को कही मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य विभाग को खासतौर पर निर्देश दिये गये कि नव जन्मे बच्चों के बाद पहले महीने दौरान खास ध्यान रखा जाए और उसके बाद ही अस्पताल से छुटटी दी जाए।
बैठक दौरान मुख्यमंत्री ने अमृतसर ,जांलधर,फरीदकोट, बठिंडा और पटियाला में बनाए जाने वाले पचास पचास बिस्तरों वाले माडल ड्रग डी एडीकशन सैंटरों की प्रगति का जायजा भी लिया। नशाखोरी की रोकथाम के लिए सेवाए प्रदान करने की भी स्वीकृति दी और शीघ्र ही लुधियाना जेल में कैदियों के लिए नशाखोरी की रोकथाम हेतू सेवाए शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री राज्य भर में नशों की बुराई संबधी मोनिटरिंग और डाकूमैंटशन करने के लिए पीजीआई के प्रो. अजीत अवस्थी और प्रो. देवाशिश वासु की सिफारिशों को स्वीकृति दी गई इसके साथ ही आई सी एम आर की शमुलियत से नशा खोरी संबधी वेज्ञानिक ढंग से सर्वे दिये जाने को भी स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में गैर सरकारी संस्थाओं की सहायता लेने की बात भी कही गई जिनको खास गांव या नशा खोरी की रोकथाम के लिए बने केन्द्र के इिर्द गिर्द विशेष इलाका दिये जा सकता हैै।
मुख्यमंत्री द्वारा स्वास्थ्य विभाग को राज्य के मेडीकल कालेजों में पे क्लीनिक सिस्टम लागू करने के लिए नीति बनाने के निर्देश भी दिये ताकि डाक्टरों को अपनी सरकारी डियूटी खत्म होने के बाद निजी अस्पतालों में प्राइवेट पै्रक्टिस करने से रोका जा सके।
बैठक दौरान एम डी पंजाब हैल्थ सिस्टम कारपोरेशन श्री हुसन लाल ने मुख्यमंत्री को बताया कि अस्पतालों के नवीनीकरण के लिए 268 करोड रूपये के रिवाइजड कोर प्लान तहत एक जिला अस्पताल, 6 सब डिवीजन स्तरीय अस्पताल, 6 सी एच सी और 36 पी एच सी में कार्य पूरा हो गया हेै जबकि अन्य स्थानों पर कार्य प्रगति अधीन है उन्होने यह भी बताया कि पी पी एस सी द्वारा भर्ती किये गये 300 एम बी बी एस डाक्टरों में से अब तक 290 डाक्टर नौकरी ज्वाईन कर चुके है।
बैठक में अन्य के अतिरिक्त स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री पंजाब श्री मदनमोहन मित्तल ,मुख्य ससंदीय सचिव डा. नवजोत कौर सिद्धू,सलाहकार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डा. केके तलवाड़, पीजीआई से डा. अजीत अवस्थी, प्रमुख सचिव स्वास्थ्स एवं मेडीकल शिक्षा, श्रीमती विनी महाजन, विशेष प्रमुख सचिव /मुख्यमंत्री श्री गुरकीरत कृपाल सिंह,एम डी पंजाब हैल्थ सिस्टम कारपोरेशन श्री हुसन लाल, डायरैक्टर एन आर एच एम श्री राजकमल चौधरी, डी आर एम ई डा. तेजबीर सिंह , डायरैक्टर स्वास्थ्य डा. अशोक नययर, वी सी बाबा फरीद मेडीकल यूनिवर्सिटी डा. एस एस गिल्ल और सरकारी मेडीकल कालेज पटियाला व अमृतसर के प्रिसीपलों के अतिरिक्त डाक्टर ,माहिर ओैर सीनियर अधिकारी उपस्थित थे।