चण्डीगढ़ : पंजाब के शानदार प्रशासकीय सुधार की पहलकदमी को नागरिक सेवा केन्द्र अधीन प्रत्येक 5000 ग्रमाीण आबादी और प्रत्येक शहरी वार्ड को लाने के लिए अतिंम रूप दिया है।
पंजाब में प्रशासकीय सुधारों के रचनाकार उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने इस शानदारयोजना को अतिंम रूप दिया और 31 मार्च 2014 तक इसको जमीनी स्तर पर लागू करने को यकीनी बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश जारी किये। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक सुधारों का बुनियादी उदेश्य नागरिक सेवाओ को पारदर्शी और बिनाकिसी अडचन से लोगों को उपलब्ध करवाना है उन्होने कहा कि वह इन सेवाओं को प्रदान करने की प्रक्रिया पर निजी तौर पर निगरानी रखेगेें।
सभी सेवाओं और सभी प्रणालियों को संगठित करने के िलए विशेष प्रणाली अपनाने और इसके अमल को अतिंम रूप देने के ििलए विभाग को निर्देश देते हुये स. बादल ने कहा कि विभिंन सेवा प्रदान करने वालों और कंपनियों द्वारा सुविधा केन्द्र ्र राज्य ई गवर्नैंस पहलकदमिया,राष्ट्रीय ई गवर्नैंस पहलकदमियां ,सांझ केन्द्र ,ग्रामीण सुविधा केन्द्र,फई केन्द्र चलाए जा रहे है और इनका कार्य एक दूसरे में बहुत ज्यादा सम्मिलत हो जाता है। इस के अतिरिक्त इनकी कारगुजारी संगठित ही नही रहती उन्होने कहा कि यह प्रणाली न केवल सभी सेवाए उपलब्ध करवाने वालों की सेवाओं को संगठित करेगी बल्कि यह सेवाए प्रदान करने का जवाबदेह बनाने वाली प्रणाली के रूप में कार्य करेगी। स. बादल ने कहा कि सेवाओं को प्रदान करने संबधी पेश कीसरकारी रिपोर्ट से वह संतुष्ठ नही है उन्होने कहा कि एक आजाद थर्ड पार्टी आडिट की सेवाए प्राप्त करनी चाहिए जो इस प्रणाली को ्रआडिट करे और लोगों की संतुष्टि के स्तर तक रिपोर्ट पेश करे।
सेवा अधिकार एक्ट को लागू करने का जायजा लेते हुये स. बादल ने कहा कि 89 लाख सेवाओं के किये गये आवेदनों मेें से 33हजार आवेदनों संबधी सेवाए प्रदान नही की गई पंरतु इस संबध में पहली अपील कर्ता अथारटी के पास केवल 612 अपीले हुई है जिससे यह प्रकट होता है कि अधिकारियों और जनता में स्पष्ट असंपर्क हैस. बादल ने कहा कि यह आश्र्च जनक है कि 568 अपीलों में से केवल 9 अपीले ही दूसरी अपील कर्ता अथारटी के पास दर्ज हुई है और अब तक केवल 5 कर्मचारियों को दंड दिया गया है। उन्होने कहा कि वह जिलों द्वारा पेश की गई इस तस्वीर को स्वीकृत करने के लिए तैयार नही है और सेवाए प्रदान करने संबधी केवल थर्ड पार्टी आडिट ही स्पष्ट तस्वीर ही पेश कर सकती है।
राज्य डैटा सैंटर के कार्य को और तेज करने के निर्देश देते हुये स. बादल ने प्रशासकीय सुधारों की प्रगति संबधी प्रत्येक पंदरवाडे दौरान जायजा लेन के लिए कहा।