पंचकूला, 19 जून - हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बच्चों में मादक द्रव्यों के सेवन की रोकथाम के लिए विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए गए समेकित प्रयासों को कारगर बनाने के लिए एनसीपीसीआर द्वारा तैयार बच्चों में मादक द्रव्यों के सेवन और नशे की रोकथाम पर संयुक्त कार्य योजना पर राज्य स्तरीय समीक्षा सह परामर्श बैठक का आयोजन किया।
राज्य स्तरीय बैठक विशेष रूप से हरियाणा में योजना के कार्यान्वयन की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा श्रीमती परवीन जोशी ने की। इसमें सदस्य अनिल लाठर, मांगे राम, गणेश कुमार, श्याम शुक्ला, मीना कुमारी, सुमन राणा, रिपन मेहता, सहायक राज्य औषधि नियंत्रक जशनजीत सिंह, सलाहकार सेवा, सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग जगबीर सिंह, डीएसपी हरियाणा पुलिस, हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त निदेशक पूनम रमन, सलाहकार पूजा पांडे, कानूनी सलाहकार, दिनेश शर्मा, बाल संरक्षण सलाहकार, अंशुल नैन, सलाहकार प्रशासन, महक भारद्वाज, सलाहकार प्रशासन, जन्नत ढांडा, बाल संरक्षण सलाहकार, शशिकांत सिंह ने भाग लिया।
बैठक में हरियाणा में बच्चों में मादक द्रव्यों के सेवन के संबंध में कानूनों के कार्यान्वयन और संयुक्त कार्य योजना से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में संयुक्त कार्य योजना पर विस्तार से चर्चा की गई। इस बात पर प्रकाश डाला गया कि हरियाणा देश में बच्चों में मादक द्रव्यों के सेवन की मात्रा वाले शीर्ष पांच राज्यों में से एक है और साथ ही यहां ऐसे बच्चे भी हैं जिन्हें इनहेलेंट के उपयोग की समस्याओं के लिए मदद की आवश्यकता है।
इसके अलावा सिरसा, पलवल, पानीपत, रेवाड़ी, गुरुग्राम आदि जिलों में यह समस्या और भी गंभीर है। पुलिस विभाग ने बताया कि जेजे एक्ट 2015 की धारा 77 और 78 के तहत कुल 13 एफआईआर दर्ज की गई हैं और कोटपा एक्ट 2003 के तहत 8 एफआईआर दर्ज की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में कुल 153 नशा मुक्ति केंद्र उपलब्ध हैं। ड्रग कंट्रोल विभाग ने बताया कि 4611 मेडिकल दुकानों में अभी भी सीसीटीवी की सुविधा नहीं है। जमीनी स्तर पर कानूनों के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण कार्य किया जाना हैं। यह निर्णय लिया गया कि एचएससीपीसीआर अन्य हितधारकों के साथ हरियाणा में स्थिति का आकलन करने के लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें आयोजित करेगा