प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसान हितैषी - ज्ञानचंद
पंचकूला, 18 जून - हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदैव किसान हित के लिए तत्पर रहते है। इसीलिए तीसरी बार प्रधानमंत्री बनते ही पहली कलम से किसानों के लिए 20 हजार करोड़ रुपए की राशि पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आयोजित किसान सम्मेलन के माध्यम से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 17वीं किस्त की 9.25 करोड़ किसानों को 20 हजार करोड़ रुपए की राशि जारी की। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में कृषि विभाग द्वारा लाईव प्रसारण दिखाया गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने किसान हित में बहुत बड़ा कार्य किया है। इससे साबित होता है की प्रधानमंत्री किसानों के दुख दर्द में शामिल होते है। प्रधानमंत्री ने 30 हजार से अधिक पैरा एक्सटेंशन वर्कर का प्रशिक्षण प्रदान किया गया और 5 महिलाओं को सखी दीदी प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब भी किसानों पर कोई समस्या आतीं है तो प्रधानमंत्री आगे बढ़कर किसानों के हित में काम करतें है। इस प्रकार प्रधानमंत्री किसानों को निरंतर खुशहाल बनाने के लिए प्रयास कर रहे है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार की किसान हितैषी प्रमुख योजना है जो कि फरवरी 2019 में प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पात्र भूमि धारक किसानों को प्रति वर्ष 6000 रूपये की वितीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। अब तक 11 करोड़ किसानों को 3.25 लाख करोड़ रुपए दिए जा चुके है। इस योजना का मुख्य ध्येय है कि किसान आर्थिक रूप से समृद्ध बनकर अपना जीवन सुखमय और खुशहाली से व्यतीत कर सके।
गुप्ता ने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और 75 प्रतिशत लोग सीधे इससे जुड़े हुए है। कई बार किसानों को प्राकृतिक रूप से ओलावृष्टि आदि से हुए नुकसान से जूझना पड़ता है और किसानों समक्ष समस्या बनकर खड़ी हो जाती है। इसीलिए सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से लाभ देने के लिए किसान सम्मान निधि योजना लागू की। किसानों ने भी अन्नदाता के रूप में बड़ा कार्य किया है जिससे देश के अन्न भंडार भरे रहे और कोई भी भूखा न रहे।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि हरियाणा सरकार ने भी किसान हित में अनेक निर्णय लिए है। किसानों का ब्याज और जुर्माना माफ किया गया। आज मुख्यमंत्री ने सोलर पैनल योजना लागू की है इसके माध्यम से किसानों को बिजली का बिल जीरो हो जायेगा। इस योजना में किसानों को लेने वाले किसानों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। मेरी फसल मेरी योजना में पोर्टल के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है। धान की फसल के स्थान पर वैकल्पिक फसल की बिजाई करने पर एच 7000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जा रहा है। इसके अलावा सरकार 14 फसल एम एस पी पर खरीद रही है और हर साल एम एस पी में 100 से 800 रुपए तक की बढ़ौतरी की गई है। भावंतर भरपाई योजना के माध्यम से बीमित किसानों को फसलों का अंतर प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल किसानों की आय में वृद्धि कर रही है बल्कि उनकी आजीविका को सुरक्षित बना रही है। सरकार का उदेश्य है कि हर पात्र किसान को इस योजना का लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो। जिला पंचकूला में अब तक इस योजना के तहत जिला में 19193 किसानों को 3.84 करोड़ रूपये सीधा पात्र किसानों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से स्थानांतरित हैं।
इस अवसर पर सीटीएम मन्नत राणा ने किसानों एवम मुख्य अतिथि का आभार जताया। उपायुक्त डा. यश गर्ग, कालका की पूर्व विधायक लतिका शर्मा, बीजेपी के जिला प्रधान दीपक शर्मा, पूर्व प्रधान अजय शर्मा, श्याम लाल बंसल, हरेंद्र मालिक, राजेंद्र नूनीवाल, प्रेम राणा, उमेश सूद, सोनिया सूद, कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. सुरेंद्र यादव, एस डी ओ बलबीर भान सहित अनेक पार्टी पदाधिकारी एवम अधिकारी मौजूद रहे।