पंचकूलाः हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी,पंचकूला श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, मुख्यमंत्री हरियाणा के मार्गदर्शन में हरियाणा प्रांत में पंजाबी भाषा, साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह है। जब से हरियाणा सरकार ने हरियाणा में पंजाबी भाषा को दूसरा दर्जा प्रदान किया है, तभी से इस क्षेत्र में पंजाबी भाषा के साथ-साथ यहां बसते पंजाबी साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से इस भाषा को दूर-दूर तक फैला रहे हैं। वह अपनी कलम के ज़ोर से मां बोली पंजाबी के प्रचार-प्रसा र हेतु हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के माध्यम से डटे हुए हैं। अकादमी की मासिक पत्रिका ‘शब्द बूंद’ उनकी रचनाओं को छाप कर दूर-दूर तक पहुंचा रही है। इसी शृंखला में आज दिनांक 22 अप्रैल 2013 को अकादमी भवन के सभागार में पंजाबी अकादमी की ओर से हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा वर्ष 2009 और 2010 में आठवीं, दसवीं और बारहवीं के उन 20 विद्याॢथयों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने पंजाबी विषय में मैरिट प्राप्त किया है। इस सम्मान में 500 रु. नकद, प्रमाण पत्र एवम् स्मृति चिन्ह दिया गया। इसी के साथ ही वर्ष 2012 में अकादमी की ओर से आयोजित पंजाबी कहानी लिखने की प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के अतिरिक्त 7 सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए। प्रथम कहानी ‘मदारी’ लेखक सुरिन्दर सिंह ओबराय, फरीदाबाद, द्वितीय कहानी ‘पत्थर चों खिड़दे फुल’ जगीर कौर संधू, ऐलनाबाद और तृतीय कहानी ‘मनुखता अजे मरी नहीं’ इकबाल सिंह हमजापुर (फतेहाबाद) को दिए गए। प्रथम पुरस्कार में 2500/-रु. नकद, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह , द्वितीय पुरस्कार में 1500/- रु. नकद, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह और तृतीय पुरस्कार में 1000/- रु.नकद, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह शामिल हैं। इसी प्रकार 7 सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए जिनमें 500/- रु. नकद, प्रमाण पत्र और पुस्तकों का सैट हर एक को अकादमी की ओर से प्रदान किया गया। इनके नाम हैं- हरनाम सिंह फतेहाबाद, डा. इन्दु गुप्ता, फरीदाबाद, लखविन्द्र सिंह बाजवा रानियां, कंवलजीत कौर जुनेजा, रोहतक, गुरप्रीत कौर सैनी, हिसार, रघुवीर सिंह ईशर, कुरुक्षेत्र और पूरन सिंह निराला ऐलनाबाद शामिल हैं।
इस पुरस्कार समारोह के मुख्य अतिथि हरियाणा के महानिदेशक सूचना, जनसम्पर्क एवम् सांस्कृतिक विभाग के श्री सुधीर राजपाल आई.ए.एस. थे और अध्यक्षता हरियाणा पंजाबी साहित्य अकादमी के निदेशक सुखचैन सिंह भंडारी ने की।
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में पंजाबी विद्यार्थियों ने कुल 100 अंकों में से 92 से कम अंक किसी ने नहीं लिये। एक विद्यार्थी राहुल कुमार ने दसवीं में 100/100 अंक भी हासिल किये। इससे पता चलता है कि हरियाणा में पंजाबी शिक्षा का स्तर बहुत ऊंचा है।