चंडीगढ, 17 अप्रैल- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा जिला करनाल में प्रियदर्शनी आवास योजना के अंतर्गत पक्के मकानों के लिए अनुदान राशि की शुरूआत करेंगें। आगामी दो वर्षों में करनाल जिला में सभी पात्र परिवारों के पास रहने के लिए अपना पक्का मकान होगा।
इस संबंध में जानकारी देते हए एक प्रवक्ता ने बताया कि संभवत चालू मास अप्रैल के अंतिम सप्ताह में यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लाभ पात्रों की पहचान करने के बाद उन्हें मकान अनुदान मुहैया करवाने के लिए आवेदकों की कैटेगरी बनाई गई हैं। इसके अनुसार सबसे पहले इन्दिरा आवास योजना के ऐसे आवेदकों को अनुदान राशि दी जाएगी जो बी.पी.एल. है व इस योजना की वेटिंग लिस्ट में हैं या जिन्हें अभी तक अनुदान नहीं मिला है। क्योंकि इस योजना में भारत सरकार की ओर से वर्ष में करीब 1350 मकानों के लिए ही अनुदान प्राप्त होता है जबकि सूची में आवेदकों की संख्या ज्यादा होती है, परिणामस्वरूप सभी उसमें कवर नहीं हो पाते।
उन्होंने बताया कि करनाल जिला में इस तरह के लोगों की संख्या वर्तमान में करीब 8 हजार है। इसी प्रकार द्वितीय कैटेगरी में ऐसे बी.पी.एल. व्यक्तियों को मकान अनुदान का लाभ दिया जाएगा जो इन्दिरा आवास योजना में शामिल होने से छुट गए है। इसके पश्चात ऐसे व्यक्ति जिन्हें सरकार की ओर वर्ष 2007 से 100-100 गज के प्लाट की शुरूआत के तहत प्लाट मिल चुके हैं, उन्हें मकान अनुदान दिलवाया जाएगा, जबकि चौथी व अंतिम कैटेगरी में ऐसे व्यक्तियों को योग्य मान कर मकान अनुदान दिलवाया जाएगा जो बी पी एल की सूची में नहीं हैं, ए पी एल हैं और जिनके पास रहने के लिए मकान की छत कच्ची हो (टीन या खपरैल), दीवारों में दोयम दर्जे की इंटे लगी हों या फर्श कच्चा हो। उन्होने स्पष्ट किया कि गांव का कोई भी मकान अनुदान के लिए आवेदन दे सकता है, लेकिन पात्रता जांच के बाद ही मान्य होगी।
उन्होंने बताया कि आवेदकों के घर जाकर उनके मकान को चैक किया जा रहा है। पात्रता सही पाए जाने या उसकी जांच के बाद सूची तैयार की जाएगी। सूची गांव के सरपंच, पटवारी व ग्राम सचिव तीनों मिलकर तैयार करेंगे तथा तीनो सदस्य अपने-अपने हस्ताक्षर करेंगे। आवेदक जिस मकान में रह रहा है उसकी चैकिंग के दौरान उसकी फोटो भी ले ली जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता से सम्पन्न हो। समूचे गांव की सूची तैयार होने के बाद बकायदा ग्राम सभी की मीटिंग बुलाई जाएगी, जिसमें उन व्यक्तियों के नाम बताए जाएंगे जो मकान अनुदान के मानदण्ड पूरे करने के बाद पात्रता के योग्य पाए जाते हैं। ग्राम सभा की मीटिंग में यदि कोई व्यक्ति अपील करना चाहे तो उसकी अपील लेकर सम्बन्धित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के पास भेजी जाएगी जो उसका निष्पादन करेंगे। यदि आवेदक फिर भी संतुष्ट नहीं होता तो द्वितीय अपील अतिरिक्त उपायुक्त को की जा सकती है।
प्रवक्ता ने बताया कि इन्दिरा आवास योजना में लाभार्थी को 45 हजार रूपये का मकान अनुदान देने का प्रावधान है जबकि हरियाणा सरकार की ओर से लागू नई प्रियदर्शनी आवास योजना में भी इतनी ही राशि और दी जाएगी अर्थात लाभार्थी को पक्का मकान बनाने के लिए कुल 90 हजार 100 रूपये की राशि दी जाएगी, इसमें 9 हजार 100 रूपये शौचालय के निर्माण पर खर्च करने होंगे। अनुदान राशि तीन किस्तों में दी जाएगी। पहली कि स्त 25 हजार रूपये मकान की नींव भरने तक के कार्य के लिए, दुसरी किस्त 35 हजार रूपये लैंटर तक तथा तीसरी किस्त खिड़कियों व दरवाजों के लिए दी जाएगी। शेष 9100 रूपये की राशि शौचालय के निर्माण के लिए दी जाएगी। उन्होने बताया कि आवेदक की जांच के लिए अंक निर्धारित किए गए हैं जो 0 से 10 तक हो सकते हैं। उन्होने बताया कि इस योजना में प्रदेश में 1350 करोड रूपये की राशि का बजट रखा गया है। इस प्रकार प्रदेश के 21 जिलों को समानुपातिक राशि दी जाएगी।